देवरिया। उत्तर प्रदेश की धरती के महान कवि ‘वियोगी’ जी चले गए। लोकप्रिय कवि एवं साहित्यकार योगेंद्र नारायण चतुर्वेदी ‘वियोगी’ का 22 जनवरी रविवार को आकस्मिक निधन हो गया। वो नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया कार्यसमिति के सदस्य भी थे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए समिति के सदस्यों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सदस्यों और पदाधिकारियों ने वियोगी जी के सरल स्वभाव और उनकी रचनाओं को याद किया। डॉ चतुरानन ओझा ने उन्हे जन कवि बताया। सभाध्यक्ष आचार्य परमेश्वर जोशी ने कहा उनके निधन से जो स्थान रिक्त हुआ है उसे भरा नहीं जा सकता। श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी ने कहा वियोगी जी नैतिक आक्रोश के कवि थे। उनकी कविताओं में लोगों का दर्द और समाज के हालात नजर आते थे। उनकी कविताएं समाज को हमेशा झकझोरती रहेंगी


कवि ‘वियोगी’ की श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री इन्द्र कुमार दीक्षित, सरोज कुमार पांडेय, रमेश चंद्र त्रिपाठी, बृजेन्द्र मिश्र, हिमांशु सिंह, जितेंद्र प्रसाद तिवारी, उद्भव मिश्र, ह्रदय नारायण जायसवाल, भृगुदेव मिश्र, महेश कुमार मिश्र, सतीश चंद्र भास्कर उपस्थित रहे। सभा सदस्यों को सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने वियोगी जी के निधन की सूचना दी थी।