देवरिया। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ की घोषणा की। इस योजना के तहत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए घरों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके पहल चरण में देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में कहा कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बिजली बिल कम होगा। साथ ही भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह मेरा पहला फैसला है। सारी दुनिया में भक्तों को सूर्यवंशी राम से ही ऊर्जा मिलती है। इसलिए यह योजना शुरू कर रहे हैं।



हर साल 5000 लाख करोड़ किलोवाट ऑवर सौर ऊर्जा से
भारत में करीब 30% बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से मिलती है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सौर ऊर्जा की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 5000 लाख करोड़ किलोवाट ऑवर बिजली देश में अभी सोलर पैनल से तैयार हो रही है। लेकिन इसमें भी बड़ी हिस्सेदारी सोलर प्लांट की है। घरों की छतों पर लगने वाले सोलर पैनल अभी बहुत कम है।




भारत की 70% ऊर्जा जरूरतें कोयले से पूरी होती हैं

भारत ने खुद को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लिए 2070 तक का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जरूरी है कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के लिए कोयले से निर्भरता कम की जाए। अभी देश में 70% बिजली कोयले से बनाई जा रही है। भारत ने इस तिमाही पिछले साल के मुकाबले कोयला आयात पर निर्भता 40.66% कम की है। पिछले साल 27.78 मीट्रिक टन कोयले का आयात किया गया था। इस बार 17.08 मीट्रिक टन ही आयात किया। हालांकि बिजली उत्पादन बढ़ा है।