देवरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थित कर्तव्य भवन यानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) की तीसरी इमारत का उद्घाटन किया। कर्तव्य भवन-3 अब पूरी तरह तैयार है, जबकि पहली और दूसरी इमारतें भी इसी महीने के अंत तक बनकर तैयार हो जाएंगी। यह नया कॉम्प्लेक्स अब कई पुराने मंत्रालयिक भवनों की जगह लेगा, जो पहले शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी इमारतों में संचालित हो रहे थे। ये सभी इमारतें 1950 से 1970 के बीच बनी थीं और अब जर्जर हो चुकी हैं।

अल्ट्रामॉर्डन सुविधाओं से लैस है भवन

कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है, कर्तव्य भवन एक आधुनिक ऑफिस कॉम्प्लेक्स है, जो लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। इसमें दो बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर समेत मंजिलें हैं। यहां गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डीओपीटी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय सहित प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का दफ्तर भी होगा।

कितनी है भवन की लागत?

इस परियोजना की शुरुआत साल 2021 में हुई थी और इसका निर्माण कार्य लार्सन एंड टुब्रो को 3,141.99 करोड़ रुपये की बोली के बाद सौंपा गया। इससे पहले, 2022 में राजपथ का पुनर्विकास कर उसका नाम कर्तव्य पथ रखा गया था। फिर 2023 में नए संसद भवन का निर्माण पूरा किया गया और उपराष्ट्रपति का नया आवास भी बनाया गया। प्रधानमंत्री का नया कार्यालय और निवास अभी निर्माणाधीन है। कर्तव्य भवन इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के बीच मौजूद है।

और कितनी इमारतें बनाई जानी हैं?

इस मास्टर प्लान के तहत कर्तव्य पथ के दोनों ओर कुल 10 आधुनिक इमारतें बनाई जाएंगी। फिलहाल CCS-10 यानी पूर्व रक्षा भवन की जगह और CCS-6 व 7 यानी मौलाना आजाद रोड पर पुराने उपराष्ट्रपति भवन व विज्ञान भवन एनेक्सी की जगह पर काम चल रहा है। बाकी सभी बिल्डिंग्स की प्लानिंग अभी शुरुआती चरण में हैं।

कर्तव्य भवन-3 की खासियत

आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी से लैस कर्तव्य भवन भव्य तरीके से बनाया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 1.5 लाख वर्ग मीटर है जिसमें 6 मंजिला इमारत बनाई गई है। पार्किंग में 600 गाड़ियों के एक साथ खड़े होने की क्षमता है। बिल्डिंग में वर्क हॉल, योग कक्ष, क्रैच, मेडिकल रूम, कैफे, 24 बड़े और 26 छोटे कॉन्फ्रेंस हॉल, 67 मीटिंग रूम, 27 लिफ्ट और 2 एस्केलेटर्स लगाए गए हैं।