देवरिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘लोकमान्य तिलक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर पुणे में आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार मौजूद रहे। ध्यान देने वाली बात यह रही कि कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी हिस्सा लिया।

यह पल मेरे लिए अविस्मरणीय: पीएम
पुरस्कार मिलने पर पीएम भावुक दिखे। उन्होंने कहा- “यह मेरे लिए अविस्मरणीय पल है। सीधे लोकमान्य जी से जुड़ी संस्था के द्वारा लोकमान्य तिलक नेशल अवॉर्ड मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। आज का यह दिन मेरे लिए बहुत अहम है। मैं यहां आकर जितना उत्साहित हूं , उतना ही भावुक भी हूं। यह छत्रपति शिवाजी की धरती है। मैंने मंदिर में गणपति जी का आशीर्वाद भी लिया। यह पुरस्कार मिलना सम्मान की बात है।”
‘आजादी में तिलक का योगदान शब्दों में समेटा नहीं जा सकता’
लोकमान्य तिलक का भारत की आजादी में दिए गए योगदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि-“भारत की आज़ादी में लोकमान्य तिलक की भूमिका को, उनके योगदान को कुछ घटनाओं और शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है। अंग्रेजों ने धारणा बनाई थी कि भारत की आस्था, संस्कृति, मान्यताएं, ये सब पिछड़ेपन का प्रतीक हैं, लेकिन तिलक जी ने इसे भी गलत साबित किया।जब अंग्रेज कहते थे कि भारत के लोग देश चलाने के योग्य नहीं है। तब बाल गंगाधर तिलक ने नारा दिया था कि ‘स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। लोकमान्य तिलक ने देश के आजादी आंदोलन की दिशा बदली। वीर सावरकर की क्षमता को बाल गंगाधर तिलक ने पहचाना। बाल गंगाधर तिलक का गुजरात से भी बहुत भावपूर्ण नाता रहा है।”
पीएम ने पुरस्कार की राशि नमामि गंगे प्रोजेक्ट को दान की
पीएम मोदी ने पुरस्कार में मिली दान की राशि भी नमामि गंगे प्रोजेक्ट को दान कर दी। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान ही राशि दान करने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा कि- “जिनके नाम में गंगाधर हो, उनके नाम पर दी गई राशि को भी गंगा जी को समर्पित कर दिया गया है। मैंने पुरस्कार राशि नमामि गंगे परियोजना के लिए दान देने का निर्णय लिया है।”आगे उन्होंने कहा कि -“पुरस्कार के साथ ही जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि उनकी सेवा में, उनकी आशाओं और अपेक्षाओं की पूर्ति में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।