देवरिया। केंद्र सरकार ‘पीएम इंटर्नशिप योजना’ को 3 अक्टूबर को लॉन्च कर दिया है। इस योजना का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में किया था। इस योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को उनकी रुचि के हिसाब से कंपनियों में इंटर्नशिप कराना है। जानते हैं विस्तार से इस योजना का लाभ कौन और कैसे ले सकता है।

कहां करे आवेदन?
केंद्र की इस योजना (PM Internship Scheme)का लाभ लेने वाले कैंडिडेट्स को योजना के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पोर्टल की लॉन्चिंग 3 अक्टूबर को की जा चुकी है। अभ्यर्थी 12 अक्टूबर से एप्लिकेशन दे सकेंगे। पोर्टल पर कैंडिडेट को अपनी शैक्षणिक योग्यता और अपने स्किल्स के बारे में विस्तार से जानकारी भरनी होगी। पोर्टल पर खुद ही सीवी तैयार हो जाएगा। कंप्यूटर आपके इंट्रेस्ट को एनालिसिस करके ये भी सुझाएगा कि कौन सी कंपनी आपके लिए सहीं है।


कंपनी करेगी सलेक्शन
सरकार के इस पोर्टल पर रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां रुचि ले रही हैं। सभी कंपनियां पोर्टल से जुड़ी होंगी। अभ्यर्थी का सीवी और उनकी दी गई जानकारी के हिसाब से कंपनी खुद ही अभ्यर्थियो को कंपनी आमंत्रित करेगी। आपको बता दें 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?
इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) में आवेदन करने के लिए निम्न योग्यता होगी जरूरी है-
• कैंडिडेट की शैक्षणिक योग्यता कम से कम 10वीं पास होनी चाहिए
• कैंडिडेट की उम्र 21 साल से कम और 24 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
• सरकारी नौकरी वाले परिवार के युवा अयोग्य होंगे
• कैंडिडेट के परिवार से कोई इनकम टैक्स देने वाला ना हो
• परिवार की वार्षिक आय 8 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
• किसी दूसरे फुल टाइम कोर्स को करते हुए इंटर्नशिप नहीं कर सकते
• नौकरीपेशा या IIT, IIM वाले इंटर्नशिप के लिए अयोग्य होंगे

कितना स्टाइपेंट मिलेगा?
इस योजना में सिर्फ इंटर्नशिप ही नहीं कराई जाएगी बल्की, कैंडिडेट्स को हर महीने 5 हजार रुपए का स्टाइपेंट भी दिया जाएगा। जिसमें से 4,500 रुपए सरकार देगी और 500 रुपए CSR फंड से आएगा। एक साल के बाद सरकार की तरफ से स्टाइपेंड बढ़ाकर 6 हजार रुपए किया जाएगा।

जरूरी दस्तावेज
इंटर्नशिप (PM Internship Scheme)के लिए आवेदक को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट रखने होंगे। इन डॉक्यूमेंट्स में आधार कार्ड, एड्रेस प्रुफ, एजुकेशनल सर्टिफिकेट और पैन कार्ड जरूरी होगा। इसके साथ ही कैंडिडेट का ई-मेल एड्रेस और एक मोबाइल नंबर भी होना चाहिए।