देवरिया। 16 अप्रैल को संघ लोक सेवा आयोग ने UPSC सीएसई 2023 का परीक्षा का परिणाम घोषित किया। जिसमें लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने टॉप किया है। नतीजों के बाद जहां टॉप-10 में जगह बनाने वाले परीक्षार्थियों की चर्चा हो रही है, वहीं बुलंद शहर के पवन कुमार का नाम भी चर्चा में है। पवन कुमार ने 239 रैंक हासिल की है। लेकिन पवन की चर्चा का कारण उनकी वह परिस्थिति है जिसमें रहकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। आज हर कोई पवन कुमार की लगन और विपरीत परिस्थितियों से लड़कर परीक्षा पास करने की ललक की तारीफ कर रहा है।
बुलंदशहर के छोटे से गांव से हैं पवन
पवन कुमार बुलंदशहर के ऊंचागांव विकासखंड के रघुनाथपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता मुकेश कुमार छोटे किसान हैं और गांव में ही खेती का काम संभालते हैं। पवन के घर में माता-पिता और दो बहनें हैं। पवन कुमार को यह सफलता तीसरी कोशिश में मिली है। उनके घर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो और उनका परिवार बहुत ही साधारण से झोपड़ीनुमा घर में दिखाई दे रहे हैं। उनकी सफलता से जहां परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं दूर-दूर से भी बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।
दिल्ली में रहकर की परीक्षा की तैयारी
पवन कुमार ने 2017 में नवोदय स्कूल से इंटर की परीक्षा पास कर ली थी। उसके बाद उन्होंने इलाहाबाद से आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के बाद से ही पवन ने सिविल सेवा की तैयारी की ठान ली है और कोचिंग के लिए दिल्ली चले गए। दिल्ली में 2 साल लागातर कोचिंग सेंटर से तैयारी की उसके बाद उन्होंने अपने रूम में रहकर ही तैयारी करनी शुरु कर दी। पवन अपने पहले 2 अटेम्प्ट में सफल नहीं हुए थे। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी में लगे रहे। उनकी मेहनत रंग लाई और 2023 की परीक्षा में उन्हें सफलता मिली।
पवन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देना चाहते हैं। उनके पिता को उनकी सफलता पर बड़ा गर्व है और मां बेटे की सफलता सुनने के बाद से ही फूले नहीं समा रही है। पवन कुमार ने अपनी इस सफलता से ऐसे कई परीक्षार्थियों के मिसाल कायम की है, जो अपने रास्ते में आने वाली कठिनाइयों से हिम्मत हारने लगते हैं।