देवरिया। पेरिस ओलंपिक में जहां स्टार शटलर पीवी सिंधु और सात्विक-चिराग शेट्टी ने फैंस को निराश किया वहीं देश के यंग शटलर लक्ष्य ने शानदार प्रदर्शन कर ना सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई है बल्की उन्होंने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी बना लिया है। लक्ष्य सेन ओलंपिक इतिहास में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। क्वार्टर फाइनल मैच में लक्ष्य पिछड़ गए थे बाद में उन्होंन खेल में वापसी की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।


ताइवान के खिलाड़ी को हराया
मैच में लक्ष्य की शुरुआत अच्छी नहीं थी। ताइवान के खिलाड़ी चाऊ टिएन चेन के साथ हुए 4 मैच में लक्ष्य ने सिर्फ क मुकाबला जीता था। लेकिन बाद में लक्ष्य ने जबरदस्त अंदाज में खेल में वापसी की और चाऊ को संभलने का जरा भी मौका भी नहीं दिया। लक्ष्य ने अगले दोनों गेम में ताइवानी शटलर की कोशिशों को नाकाम किया और ताकतवर स्मैश-चालाकी भले ड्रॉप शॉट्स से मैच अपने नाम कर लिया। लक्ष्य ने ताइवान के शटलर को 19-21, 21-15 & 21-12 से हराया और सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बन गए।


22 साल की उम्र में हासिल किया ये मुकाम
22 साल के लक्ष्य सेन का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ है। लक्ष्य सेन के रूप में भारत को अपना बैडमिंटन का युवा खिलाड़ी मिल गया है। लक्ष्य ने अपने करियर की शुरुआत में ही बड़ी उपलब्धियां हासिल कर ली थी। 2018 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप सिंगल्स में लक्ष्य ने गोल्ड मेडल जीता था और विश्व के नंबर वन जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ी बन गए थे।इतना ही नहीं उन्होंने मिक्स्ड टीम टूर्नामेंट में भी गोल्ड जीता था। 2021 में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2022 के ऑल इंग्लैंड ओपन में लक्ष्य उपविजेता रहे थे।