देवरिया। भारत की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली हर सुनवाई का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य न्याय प्रणाली को और पारदर्शी बनाना है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा। यह पहल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की सकारात्मक सोच को दर्शाती है।
कुछ खास मामलों की होती थी लाइव सुनवाई
दरअसल, 2022 से ही सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी। लेकिन अब यह सुविधा हर केस की सुनवाई पर लागू होगी। पहले केवल संविधान पीठ और राष्ट्रीय महत्व के मामलों को लाइव दिखाया जाता था। उदाहरण के तौर पर, हाल ही में NEET-UG और कोलकाता के आरजीकर कॉलेज मामलों की सुनवाई को लाखों लोगों ने लाइव देखा था।
कहां देख सकते हैं सुनवाई?
अब तक सुप्रीम कोर्ट के मामलों की सुनवाई उसके अपने YouTube चैनल पर लाइव दिखाई जाती थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट अपना खुद का ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जहां आप सभी सुनवाईयों का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। यह ऐप अभी परीक्षण के चरण में है। 2023 में चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट के लिए अपना क्लाउड सॉफ्टवेयर बनाने की बात भी कही थी।
लाइव स्ट्रीमिंग के क्या होंगे फायदे?
सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि लाइव स्ट्रीमिंग से दूर-दराज के लोगों के लिए न्याय प्रणाली तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, आम जनता न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकेगी। खासतौर पर लॉ के छात्रों के लिए यह एक बड़ा अवसर होगा, क्योंकि वे सुनवाई और दलीलों को देखकर अपने प्रैक्टिकल ज्ञान को बढ़ा सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का सकारात्मक कदम
सुप्रीम कोर्ट, जो देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है, से न्याय पाने की आखिरी उम्मीद होती है। ऐसे में सुनवाई को लाइव करने का फैसला व्यापक रूप से सराहा जा रहा है। इससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और बढ़ेगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले लिए हैं, जिनमें सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की नई मूर्ति स्थापित करना भी शामिल है, जिसमें आंखों की काली पट्टी को हटा दिया गया है।