देवरिया।भारत में हुए जी-20 सम्मेलन के आयोजन में इंडिया की जगह लिखे ‘भारत’ ने सबका ध्यान खींचा था। इसी बीच अब शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद,NCERT ने पाठ्य पुस्तकों में लिखे इंडिया शब्द को भारत करने की सिफारिश की है। NCERT ने इसके लिए एक समिति भी गठित की है। गठित समिति के द्वाराप्रस्ताव पारित होने पर, अगले सत्र में छापी जाने वाली पुस्तकों की नई खेप में इंडिया की जगह भारत छापा जा सकता है। साथ ही पाठ्यक्रम में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
पहले ही रखा जा चुका था प्रस्ताव

समिति के सामने कुछ महीने पहले ही इंडिया की जगह भारत लिखे जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके साथ ही प्राचीन इतिहास की जगह शास्त्रीय इतिहास को शामिल करने और भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव दे दिया गया था। समिति ने इस विषय में क्या फैसला किया है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है । सभी बदलाव को लागू करने का आखिरी फैसला 19 सदस्यीय कमेटी करेगी।

इंडिया की जगह भारत करने के पीछे क्या है तर्क
इस बदलाव से जुड़ी जानकारी के मुताबिक कमेटी का कहना है कि इंडिया शब्द ईस्ट इंडिया कंपनी और प्लासी युद्ध के दौरान शुरू हुआ था, जो आज भी चल रहा है। वहीं, भारत शब्द विष्णु पुराण जैसे प्राचीन लेखों में मिलता है। कमेटी का कहना है कि ग्रंथों में लिखा नाम ही देश का वास्तविक नाम है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि अभी तक इतिहास की किताबों में देश की असफलताओं के बारे में ज्यादा पढ़ाया जाता रहा है। अब किताबों में हिंदू वीर योद्धाओं के बारे में पढ़ाया जाए।