देवरिया।महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन बिल)संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया है। राज्यसभा में बिल पर हुए मतदान में पक्ष में शत प्रतिशत वोट पड़े। सदन में बिल पर चर्चा के लिए साढ़े सात घंटे का समय तय किया गया था। यह बिल लोकसभा में बुधवार को ही पारित हो गया था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह बिल ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के नाम से पूर्ण रूप से पारित हो जाएगा और कानून बन जाएगा। बिल के दोनों सदनों में पास होने बाद संसद का विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

नारी शक्ति वंदन विधेयक में क्या है?
यह विधेयक संसद के निचले सदन, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित है। इतना ही नहीं, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एससी/एसटी आरक्षित सीटों में से एक तिहाई सीटें भी महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इस विधेयक में उल्लेख है कि महिलाओं के लिए आरक्षण को ताजा जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा।
निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के सवालों का दिया जवाब
राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के सवालों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया और कहा कि-“पहली बार महिला आरक्षण पर बात हो रही ऐसा नहीं। इसकी शुरुआत 11 वीं लोकसभा से हुई लेकिन यह बिल कभी पास नहीं हुआ। निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों के उस सवाल का जवाब दिया कि यह बिल पेंडिंग था। उन्होंने कहा कि लोकसभा भंग होने के बाद ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बीजेपी की ओर से लगातार महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी के भीतर भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।”

नए संसद भवन में रचा इतिहास
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पास होने के बाद नए संसद भवन में इतिहास रचा गया है। संसद भवन में विशेष सत्र के शुरु होते ही महिला विधेयक यहां पेश होने वाला पहला विधेयक बन गया है। इसी के साथ संसद में महिला आरक्षण को लेकर 27 सालों से चल रहा अवरोध भी नए संसद भवन में आते ही खत्म हो गया है। पिछले 2 दशकों से लगभग हर सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होती थी लेकिन कभी भी विधेयक पारित नहीं हो पाया था।
विधेयक पर लोकसभा में क्या-क्या हुआ
लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ को लेकर हुई चर्चा में सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने सभी दलों से महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर दुनिया को एकजुट होकर संदेश देने का आह्वान किया और यह भी साफ किया सरकार विधेयक पर सुझावों को खुलेमन से स्वीकार करने को तैयार है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी,सोनिया गांधी सहित 60 सदस्यों ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया जिनमें से 27 महिला सदस्य शामिल थीं। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने रानी दुर्गावती, रानी चेन्नम्मा, रानी अहिल्याबाई, रानी लक्ष्मी जैसी असंख्य वीरांगनाओं का उल्लेख किया और शासन में महिलाओं के सफल योगदान की चर्चा की। विधेयक पर हुई वोटिंग में 454 वोट पक्ष में और सिर्फ 2 वोट विपक्ष में पड़े।

बिल पास होते ही सभापति ने पीएम को दी जन्मदिन की बधाई
गुरुवार ही महिला आरक्षण बिल पास हुआ और उसी दिन प्रधानमंत्री का हिंदी तिथि के अनुसार जन्मदिन था। बिल के पास होने के बाद सभी ने नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई। सभापति जगदीप धनखड़ ने लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण के प्रावधान वाले ‘संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर मतदान के दौरान कहा कि इस विधेयक को पारित करने के समय यह सुखद संयोग है कि आज ही प्रधानमंत्री का जन्मदिन है। भारतीय पंचांग तिथि गणना के अनुसार प्रधानमंत्री का जन्मदिन है। उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दोनों हाथ जोड़कर सभापति एवं सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
देश की लोकतांत्रिक यात्रा का ऐतिहासिक क्षण
बिल को दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- “हमारे देश की लोकतांत्रिक यात्रा का एक ऐतिहासिक क्षण! 140 करोड़ भारतवासियों को बहुत-बहुत बधाई! नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े बिल को वोट देने के लिए राज्यसभा के सभी सांसदों का हृदय से आभार। सर्वसम्मति से इसका पास होना बहुत उत्साहित करने वाला है।इस बिल के पारित होने से जहां नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा, वहीं इनके सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत होगी। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि इसके जरिए राष्ट्र निर्माण में अमूल्य भागीदारी निभाने वाली देश की माताओं, बहनों और बेटियों को उनका अधिकार मिला है। इस ऐतिहासिक कदम से जहां करोड़ों महिलाओं की आवाज और बुलंद होगी, वहीं उनकी शक्ति, साहस और सामर्थ्य को एक नई पहचान मिलेगी।”
खेल और फिल्म जगत की महिलाएं भी पहुंची संसद
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा देखने के लिए राजनीति से जुड़ी महिलाओं के अलावा फिल्मी जगत से भी की सिने तारिकाएं संसद पहुंची हुई थी। इनमें तमन्ना भाटिया, कंगना रनोट, ईशा गुप्ता, भूमि पेडनेकर, दिव्या दत्ता, शहनाज गिल, स्मृति कालरा जैसी अभिनेत्रियां पहुंची हुई थीं। बिल पर हुई चर्चा देखने के साथ इन्होंने नए संसद भवन की पूरी बिल्डिंग भी घूम कर देखा। इस दौरान तमन्ना भाटिया ने कहा-“जिस तरह से हमारी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों के मन में ये धारणा रहती है कि बहुत मुकाबलाहै और आसानी से सफलता नहीं मिलेगी, ठीक उसी तरह राजनीति का भी वही हाल है। लेकिन इस नए बिल से अब राजनीति के क्षेत्र में चीजें आसान होने वाली हैं और आम लोगों ये प्रेरणा प्रदान करेगा।”वहीं दिव्या दत्ता ने कहा कि इस नए बिल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दिल से आभार और बधाई, उन्होंने पहले भी महिलाओं को आगे लाने के लिए कई प्रयास किए हैं।

खेल जगत की महिलाओं ने बिल का किया स्वागत
फिल्मी जगत के साथ खेल जगत से पैरालंपिक एथलीट दीपा मलिक, बॉक्सर मैरी कॉम और अंजू बॉबी जॉर्ज भी संसद पहुंची। पैरालंपिक एथलीट दीपा मलिक ने कहा कि- “संसद के नए भवन में आना हमारे लिए गर्व की बात है और यह एक बड़ा अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पहली बात जो मैंने नोटिस की, वह यह कि नए भवन में ऐसी कोई जगह नहीं थी, जहां मेरी व्हीलचेयर न पहुंचती हो। मुझे खुशी है कि महिला आरक्षण बिल आ रहा है। गणेश चतुर्थी पर यह हमारे लिए एक खूबसूरत उपहार है।“ बॉक्सर मैरी कॉम ने कहा कि “महिला सशक्तिकरण के लिए महिला आरक्षण बहुत जरूरी है।”वहीं अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा- “मैं नए संसद भवन में आकर बहुत खुशी महसूस कर रही हूं, एक महिला होन के नाते महिला बिल के लिए मैं हमारी सरकार और प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। भारत में एक नई क्रांति आने वाली है।”