देवरिया। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाले UPSC की परीक्षा और फिर ट्रेनिंग कर प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का मौका मिलता है। उनमें से भी कुछ ऐसे आईएएस अधिकारी होते हैं जो अपने कर्तव्यों के साथ मानवता के लिए भी मिसाल पेश करते हैं। ऐसी ही एक IAS अधिकारी हैं सुधीर कुमार कोचर। अपने पद के प्रति कर्तव्यनिष्ठा के लिए तो कुमार कोचर जाने ही जाते हैं लेकिन आजकल वो अपनी व्यक्तिगत, भावुक छवि के कारण चर्चा में हैं।


सादगी से भरी जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं कुमार कोचर
सुधीर कुमार कोचर भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं। अपने कार्य में कुशल बहुत से आईएएस अधिकारी होते हैं लेकिन उस पद पर रहकर स्वभाव में नरमता और सादगी का होना एक विलक्षण संयोग होता है। सुधीर कोचर एक ऐसे ही सादगी और कुशल प्रशासक के आदर्श उदाहरण हैं। देश के सबसे उच्च पदों पर रहने के बाद भी उनका व्यवहार दूसरे अधिकारियों के लिए सीख है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को पीड़ा में देख उनका व्यवहार दिखाता है कि आम जनता की तकलीफ का निवारण करना भी उनके अपने बाकी कर्तव्यों की तरह ही महत्वपूर्ण है।


अस्पताल की स्थिति देख नाराज हुए कोचर

सुधीर कोचर हाल ही में वह एक अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहां कई अनियमितताएं पाई गईं जिससे नाराज होकर उन्होंने कहा- “मुझे बैठने वगैरा की व्यवस्था ठीक नहीं लगी। क्या है कि हम लोगों को इंसानों के साथ ट्रीट करना आना चाहिए। हम लोग यदि इंसानों के साथ ठीक तरीके से ट्रीट नहीं करेंगे तो हम प्रशासन करने लायक हैं नहीं। मुझे बड़ा दुख होता है, जब महिलाएं नीचे बैठी हैं, कोई कहीं बैठी हैं। वो सब ठीक नहीं है। वो ऐसे डिपेंडेंट हैं, हमारे ऊपर कि उनके पास कोई रास्ता ही नहीं है। मुझे देखकर बहुत दुख होता है। अब मैं क्या बोलूं आपसे।”

उनके इस सरलता से भरे शब्दों और आम जनता के दुख में दुखी होने के भाव ने सबका मन मोह लिया है। सोशल मीडिया में सुधीर कोचर का यह बयान भी वायरल हो रहा है।