देवरिया। मध्यप्रदेश में एक युवक पर देश विरोधी नारे लगाने पर कोर्ट ने ऐसी सजा दी थी जिसकी चर्चा अब चारों तरफ हो रही है। दरअसल मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने एक आरोपी को देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में तिरंगे को सलामी देने और भारत माता की जय के नारे लगाने का आदेश दिया था। फैजान को हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को तिरंगे को सलामी देना है और भारत माता की जय के नारे भी लगाने हैं।
सुनवाई पूरी होने तक पालन होगा आदेश
मंगलवार को फैजान मिसरोद पुलिस थाने पहुंचा और न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, तिरंगे को सलामी दी और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। थाने के प्रभारी, मनीष राज भदौरिया ने बताया कि यह सब मीडिया की मौजूदगी में हुआ और इसकी वीडियोग्राफी भी की गई। उन्होंने कहा कि इस गतिविधि की अनुपालन रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी और मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक फैजान को इस प्रक्रिया को दोहराना होगा।
फैजान को है पछतावा
फैजान ने यह स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए एक रील बनाई थी। उसका कहना है ये सब शराब के नशे में हुआ था जो एक बड़ी गलती थी। उसने कहा कि उसे इस गलती का पछतावा है और अब वह अपने दोस्तों से कहता है कि वो ऐसी रील न बनाएं। यह घटना मई 2024 की है। पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने फैजान को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 बी के तहत गिरफ्तार किया गया था।
ऐसी सजा के पीछे क्या है उद्देश्य ?
उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति डीके पालीवाल ने 15 अक्टूबर को आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि फैजान को कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा किया जा सकता है। इन शर्तों का उद्देश्य उसके अंदर देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना को पैदा करना था। न्यायालय ने कहा कि वह उस देश के खिलाफ नारे लगा रहा था, जहां उसका जन्म और पालन-पोषण हुआ था और यह बिल्कुल गलत है।