देवरिया।गुरुवार को संसद के सत्र में एक बार फिर मणिपुर का मुद्दा गर्माया हुआ था। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू किया, जिसकी वजह से 6 मिनट बाद ही स्पीकर को सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं राज्यसभा में भी विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर आए और नारेबाजी की। एनडीए के सांसदों ने भी मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरूर कर दिए, जिसके बाद विपक्ष ने इंडिया-इंडिया के नारेबाजी शुरू कर दी और गुरुवार की कार्यवाही की शुरूआत भी जोरदार हंगामे से ही हुई।

विरोध में काले कपड़े पहन कर आए विपक्षी सांसद
संसद का मानसून सत्र शुरुआत से ही हंगामे से भरा रहा। मणिपुर में हो रही हिंसा के मुद्दे पर लगातार गतिरोध जारी है। विपक्षी दल के सांसद विरोध में आज काले कपड़े पहन कर आए थे। विपक्ष के काले कपड़ों पर हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने तंज कसते हुए कहा कि- “काले कपड़े तो मातम में पहने जाते हैं । यह जो नई पार्टी बनी है उसके जन्म के साथ ही कोई स्वर्ग सिधार गया होगा इसलिए ये काले कपड़े पहनकर आए हैं। सरकार के लिए सभी धर्मों के लोग एक समान हैं, इसके लिए कानून बनाने की आवश्यकता नहीं है। कुछ लोग तो पैदा ही विरोधकरने के लिए हुए हैं।”
विपक्ष ने बुधवार को दिया अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
सांसद गौरव गोगोई ने बुधवार को ही मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा में स्पीकर को दिया था। नोटिस को स्पीकर ओम बिड़ला ने मंजूर कर लिया है। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष मणिपुर में हुई हिंसा के मुद्दे पर हंगामा कर रहा है और लगातार इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बयान की मांग कर रहा है। संसद के नियमों के मुताबिक अब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा अगले हफ्ते ही होगी।
सदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान के दौरान भी विपक्षी दलों ने हंगामा किया, जिसका विरोध करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि- “उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जो अध्यक्ष के संज्ञान में है। जो भी निर्णय अध्यक्ष लेंगे सरकार तैयार है। हमारे पास संख्याएं हैं, लोग हम पर और पीएम मोदी पर भरोसा करते हैं उन पर नहीं। ”