देवरिया। स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंह ने इतिहास अपने नाम कर लिया है। वो पहली महिला पायलट बन गई हैं जो IAF के तेजस लड़ाकू स्क्वाड्रन का हिस्सा हैं। मोहना सिंह उन तीन महिला पायलट्स में से हैं जो देश की पहली लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलट बनीं थीं। मोहना को गुजरात के नलिया में स्थित नंबर 18 ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ स्क्वाड्रन सौंपा गया है।

तरंग शक्ति का हिस्सा थीं मोहना
मोहना सिंह राजस्थान में हुए तरंग शक्ति युद्ध अभ्यास का भी हिस्सा थीं। इस बहुपक्षीय हवाई युद्ध अभ्यास में मोहना ने सशस्त्र बलों के तीन वॉइस चीफ के साथ तेजस की उड़ान भरी थी। इस युद्ध भ्यास में यूके, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के भी लड़ाकू विमान के पायलट्स ने भी हिस्सा लिया था।

राजस्थान की रहन वाली हैं मोहना
स्क्वाड्रन लीडर मोहना सिंहर का जन्म राजस्थान के झुंझुनू में 22 जनवरी 1992 को हुआ है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के एयरफोर्स स्कूल से पूरी की है। बाद में उन्होंने अमृतसर के ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया। वायु सेना में शामिल होना उनका बचपन का सपना था। साल 2016 में मोहना भारतीय वायु सेना में शामिल हो गई थीं।

पिता और दादा से मिली प्रेरणा

मोहना का रुझान शुरु से ही वायु सेना की तरफ था। उन्हें अपने पिता से देश की सेवा करने की प्रेरणा मिली। उनके पिता रिटायर्ड एयर फोर्स ऑफिसर हैं। मोहना की मां एक शिक्षिका हैं। वहीं उनके दादा एविएशन रिसर्च सेंटर में फ्लाइट गनर रह चुके हैं। भारत सरकार की तरफ से मोहना को नारी शक्ति पुरस्करा दिया जा चुका है। यह सम्मान उन्हें 2020 में दिया गया था।