देवरिया। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार की जुमे की नमाज के बाद “आई लव मोहम्मद” विवाद को लेकर हिंसा भड़क (Bareilly violence) गई। शहर के कई इलाकों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। उपद्रव में पुलिसकर्मियों पर भी हमला हुआ, जिसमें 22 जवान घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 10 FIR दर्ज की हैं और मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 39 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
48 घंटे के लिए बंद की गई इंटरनेट सेवाएं
बरेली में तनावपूर्ण हालात (Bareilly violence) के बीच जिला प्रशासन ने 27 सितंबर की आधी रात से 29 सितंबर की आधी रात तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही दो दिनों तक टेलीकॉम सर्विसेस भी सस्पेंड रहेगी। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर रोक लगाने के उद्देश्य से ये कदम उठाया गया है। इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठा रही है।
तलाशी में हथियार और संदिग्ध चीजें बरामद
हिंसा के बाद पुलिस ने हिंसा वाली जगहों की तलाशी ली इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में पत्थर, जूतों का ढेर, लाठियां-डंडे, कारतूस, एक तमंचा और खाली बोतलें मिली हैं। इन बोतलों से पेट्रोल की गंध आ रही थी। जिससे यह बात स्पष्ट होती है कि हिंसा (Bareilly violence) पूरी तरह से योजनाबद्ध थी। खाली बोतलों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिंसा में पेट्रोल बम के भी उपयोगी किए जाने का प्लान था।
मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ जेल भेजा गया
हिंसा भड़काने के आरोप में मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने पहले नजर बंद किया था उसके बाद शनिवार रात गिरफ्तारी की गई।। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए मौलाना को कोर्ट में पेश करने के बाद गुपचुप तरीके से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया। प्रशासन का कहना है लोकल जेल में सुरक्षा कारणों से फतेहपुर जेल शिफ्ट करने का फैसला किया गया है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 10 केस दर्ज किए हैं।
SIT करेगी मामले की जांच
मामले (Bareilly violence) की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने इस मामले की जांच SIT से कराने का फैसला किया है। इसके लिए 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। यह टीम घटना की शुरुआत से पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाया गया और भीड़ इकट्ठा की गई थी।
सीएम योगी ने दी कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि- “मौलाना भूल गए थे कि यूपी में किसका शासन है। न तो जाम लगेगा और न ही कर्फ्यू लगेगा, लेकिन सबक ऐसा सिखाया जाएगा कि आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी।” योगी ने उपद्रवियों को चेताते हुए कहा कि “कभी-कभी लोगों की आदतें बिगड़ जाती हैं, तो उनकी डेंटिंग-पेंटिंग जरूरी हो जाती है।”
विपक्ष ने सरकार को घेरा
दूसरी तरफ विपक्ष के नेता मामले में सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। सपा ने पुलिस कार्रवाई को “बर्बर लाठीचार्ज” बताते हुए कहा कि इसकी जांच मौजूदा जज से कराई जाए। विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार दमन और तानाशाही से जनता की आवाज दबा रही है। वहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि- “आई लव मोहम्मद” पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन बरेली की घटना के पीछे बड़ी साजिश है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को इसका फायदा मिल रहा है।
फिलहाल हालात सामान्य: DIG
डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि स्थिति अब सामान्य है। पुलिस जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अब तक 10 एफआईआर, 8 गिरफ्तारियां और 39 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।