देवरिया। पूरा देश जिसका इंतजार कर रहा था उस चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने लोगों की उम्मीद से बढ़कर जीत हासिल की है। बीजेपी को महाराष्ट्र में 20 सालों बाद इतनी बड़ी जीत का स्वाद चखने को मिला। महायुति को 288 में से 228 सीटों पर जीत मिली है।
क्या है इस ऐतिहासिक जीत का कारण
नतीजों के बाद की बड़े बड़े विद्वानों की भविष्यवाणी पूरी तरह से झूठी साबित हो गई है। राजनीतिक विष्लेशकों की माने तो हरियाणा की तरह महाराष्ट्र चुनाव में भी ‘बंटेंगे, तो कटेंगे’, ‘एक हैं, तो सेफ हैं’ जैसे नारे काम कर गए। महाराष्ट्र की जनता ने इन नारों का सार और बीजेपी के साथ ही महायुति की मंशा को समझा और इतना बड़ा फैसला दिया। वहीं इसे काउंटर करते हुए लाया गया नारा “ना बंटेंगे, ना कटेंगे” कुछ काम ना कर सका।
महाराष्ट्र में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
ये जीत बीजेपी की महाराष्ट्र में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। जबकी महाविकास अघाड़ी की अब तक की ये सबसे बड़ी हार बनकर सामने आई है। हालात ये रहे कि जहां 288 विधानसभा सीटों में महायुति ने जहां 228 सीटों पर जीत का परचम लहराया वहीं महाअघाडी मात्र 47 सीटों पर सिमट कर रह गई। 13 सीटों पर अन्य जीतकर आए। वहीं महायुति की बात की जाए तो इन 228 सीटों में बीजेपी की अकेले 132 सीटें आई हैं। शिंदे गुट की शिवसेना ने 55 और अजित पवार वाली एनसीपी ने 41 सीटें जीती हैं। इस चुनाव में बीजेपी ने जीत का इतिहास रचा है।
लाडकी बहिन का यहां भी चला जादू
दूसरी तरफ चुनाव प्रचार के दौरान महायुति का लाड़की बहिन योजना का जमकर प्रचार प्रसार काम कर गया। महायुति ने वादा किया कि सत्ता मे वापस आने पर लाडकी बहिन योजना की राशि बढाकर 1500 से 2100 रुपए कर दी जाएगी। हालांकी विपक्षी दलों ने भी इससे मिलती जुलती योजना बनाई थी। लेकिन जनता को लाडकी बहिन योजना ने खींचा। बोटिंग का प्रतिशत देखने से साफ हो गया कि महिलाओं को ये योजन पसंद आई और उन्होंने महायुति के पक्ष में वोट डाले। वोटिंग प्रतिशत में महिलाओं की संख्या हर बार से कही आगे है।
एकनाथ शिंदे ने व्यक्त किया आभार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा- “सभी ने मुझे बधाई दी है, मैं सबका धन्यवाद करता हूं। मैं महाराष्ट्र की जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करता हूं…यहां डबल इंजन की सरकार काम कर रही थी और यहां जो विकास के कार्य हुए, उसमें केंद्र सरकार का बहुत बड़ा योगदान रहा है।”