देवरिया। आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में बुधवार को पूरे देश में बंद का आह्वान किया गया है। ये बंद अनुसूचित एवं दलित वर्ग के संगठनों ने किया है। नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी संगठन ने इस फैसले को अनुसूचित जातियों और दलितों को मिलने वाले संवैधानिक अधिकार का हनन बताया है।


क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर कोटा में कोटा का का फैसला सुनाया है। 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की संविधान पीठ ने दलित आरक्षण को लेकर एक फैसला सुनाया था। फैसले के अनुसार राज्य सरकारें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सब कैटेगिरी बना सकते हैं। इसके लिए राज्य की विधानसभाएं कानून बना सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को एक साथ नहीं रखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उन्हें प्राथमिकता दी जा सकेगी जिन्हें आरक्षण की सबसे ज्यादा जरूरत है।


क्या है दलित संगठनों की मांग
भारत बंद करने के पीछे संगठनों ने सरकार से इस प्रकार की मांग की है-
• सुप्रीम कोर्ट सब कैटेगिरी का फैसला वापस ले
• सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर फिर से विचार करे
• नौकरियों में SC, ST, OBC का जातिगत आंकड़ा जारी हो
• भारतीय न्यायिक सेवा के जरिए से न्यायिक अधिकारी, न्यायाधीश की नियुक्ति हो
• हायर ज्यूडिशियरी में SC, ST, OBC का प्रतिनिधित्य 50 फीसदी हो
• सरकारी भर्तियों में SC, ST, OBC का हिस्सा तय हो
• संविधान की नौवीं अनुसूची के तहत नया कानून बनाया जाए जिसमें न्यायिक बदलाव ना किया जा सके।


SDM पर चली लाठियां
बंद के दौरान कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ। शांतिपूर्ण बंद का आह्वान कहीं-कहीं उग्र प्रदर्शन का रूप ले रहा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठिचार्ज भी करना पड़ा। इसी दौरान पटना में एक पुलिसकर्मी से बड़ी गलती हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठी चलाते-चलाते पुलिस कर्मी ने मौके पर मौजूद SDM पर ही पीछे से लाठी चला दी। जैसे ही SDM साहब पलटे पुलिस वाले को किए गए ब्लंडर का एहसास हुआ तब क बाकी पुलिसकर्मी भी आ चुके थे जिन्होंने उस पुलिसकर्मी को वहां से हटाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।