देवरिया: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना क्षेत्र के एक गांव में दो नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम सुहैल, जुनैद, हफीजुल्लाह, करीमुद्दीन, आरिफ और छोटू हैं। आरोपी जुनैद को एनकाउंटर में गोली लगी है। बच्चियों की मां ने बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि कपड़ों की जांच और मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। बच्चियों के पिता ने इंसाफ की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा मांगी है।

पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने जानकारी दी कि दोनों बहनों की हत्या दुष्कर्म के बाद हुई थी। दो आरोपियों ने अपराधस्वीकार किया है। परिवार के सामने पोस्टमार्टम कराया गया है। उन्होंने बताया कि परिवार की इच्छा के बिना कोई कदम पुलिस ने नहीं उठाया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था कि ‘निघासन पुलिस थाना क्षेत्र में 2 दलित बहनों को अगवा करने के बाद उनकी हत्या और उसके बाद पुलिस पर पिता का ये आरोप बेहद गंभीर है कि बिना पंचनामा और सहमति के उनका पोस्टमार्टम किया गया।’

लड़कियों को बहला-फुसला कर ले गए थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि लड़कियों की दोस्ती पहले से थी। बुधवार को लड़के गांव में आकर लड़कियों को बहला-फुसलाकर खेत में ले गए और वहां उनके साथ रेप किया। घटना के बाद जब लड़कियों ने लड़कों से शादी की बात कही तो आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। ये सारी बात पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बताई है। मृत लड़कियों का पोस्टमार्टम 3 डॉक्टरों के पैनल के द्वारा किया गया है, जिसमें गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई है।

पेड़ पर लटकी मिली थी लाश
लखीमपुर खीरी के निघासन इलाके में बुधवार शाम को दो नाबालिग लड़कियों की लाश एक पेड़ पर लटकी मिली थी। दोनों मृतक लड़कियां दलित हैं और सगी बहनें थीं। लड़कियों की मां ने आरोप लगाया है कि 3 युवक उनकी बेटियों को बाइक पर बैठा कर जबरदस्ती ले गए थे, उन्हीं ने उनकी बेटियों को मारा है। घटना के बाद से ही निघासन इलाके में तनाव का महौल है। निघासन मे हुई इस घटना ने बदांयू, हाथरस कांड की यादें ताजा कर दी।

विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष ने इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और कानून व्यवस्था को घेरना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां कार्रवाई पर सवाल उठाए तो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि ‘लखीमपुर खीरी में माँ के सामने दो दलित बेटियों का अपहरण व दुष्कर्म के बाद उनके शव पेड़ से लटकाने की हृदय विदारक घटना सर्वत्र चर्चाओं में है। ऐसी दुःखद व शर्मनाक घटनाओं की जितनी भी निन्दा की जाए वह कम। यूपी में अपराधी बेखौफ हैं क्योंकि सरकार की प्राथमिकताएं गलत यह घटना यूपी में कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा आदि के मामले में सरकार के दावों की पोल खोलती है। हाथरस सहित ऐसे जघन्य अपराधों के मामलों में ज्यादातर लीपा-पोती होने से ही अपराधी बेखौफ हैं। यूपी सरकार अपनी नीति, कार्यप्रणाली व प्राथमिकताओं में आवश्यक सुधार करे।’

घटना के बाद लोगों में आक्रोश
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है और लोगों में आक्रोश। लोगों ने चौराहों पर जाम करके पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने घटनास्थल का जायजा लेने जा रहे एसपी संजीव सुमन को भी घेर लिया था। सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा नजर आ रहा है। मृत लड़कियों का परिवार तमोलिनपुरवा गांव के बाहर रहता था। गांव के बाहर दोनों बहनों के शव एक ही पेड़ पर एक ही दुपट्टे से लटके मिले थे।