देवरिया : टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और उसके बाहर अपनी अलग स्टाइल के लिए मशहूर हैं। उन्होंने टी 20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ में ऑलराउंड प्रदर्शन कर भारत की जीत में अहम रोल अदा किया था। हार्दिक ने पहले गेंदबाजी में दमखम दिखाते हुए तीन विकेट चटकाए थे। फिर बल्ले से 40 रनों की पारी खेली थी। पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद हार्दिक पंड्या इमोशनल हो गए थे और उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद किया था।
हार्दिक पंड्या और उनके भाई क्रुणाल पंड्या की क्रिकेट का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। टीम इंडिया में खेलने तक का उनका सफर आसान नहीं रहा है। दोनों का बचपन गरीबी में बीता था। हार्दिक-क्रुणाल के पिता हिमांशु पंड्या को क्रिकेट से काफी लगाव था और वे अपने बेटों को क्रिकेटर बनाने की खातिर ‘कार फाइनेंस’ के बिजनेस को बंद करके वडोदरा चले गए थे। वडोदरा में पंड्या परिवार किराए के मकान में रहता था।

जानकारी के अनुसार, जब हिमांशु पंड्या वडोदरा में शिफ्ट हुए तो उस समय हार्दिक पांड्या की उम्र पांच और क्रुणाल की सात साल थी। हिमांशु चाहते थे कि उनके बेटों को अच्छी क्रिकेट ट्रेनिंग मिले इसलिए उन्होंने दोनों को वडोदरा की ‘किरन मोरे क्रिकेट अकेडमी’ ज्वाइन करवा दी। वैसे भी हार्दिक पंड्या पढ़ाई में अच्छे नहीं थे और नौवीं क्लास में फेल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह से क्रिकेट पर फोकस करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी। पूर्व क्रिकेटर किरण मोरे ने दोनों को अपनी एकेडमी में लगभग तीन साल तक फ्री ट्रेनिंग दी थी।

हार्दिक पंड्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि घर में पैसों की कमी के चलते वे दोनों टाइम मैगी ही खाते थे। इतना ही नहीं दोनों क्रिकेट किट दूसरों से मांग करके इस्तेमाल किया करते थे। साथ ही शुरुआती दिनों में दोनों भाई 400-500 रुपये कमाने के लिए पास के गांव में क्रिकेट खेलने जाते थे जहां दोनों को लगभग पांच-पांच सौ रुपये मिल जाया करते। उस समय उनके परिवार के लिए दो वक्त खाने का इंतजाम करना भी मुश्किल था। उनका यह संघर्ष तब तक चला जबतक उन्हें मुंबई इंडियंस की ओर से आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला।
साल 2010 में हार्दिक के पिता को एक रात में दो बार हार्ट अटैक आया जिसके बाद खराब होती सेहत के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद घर के हालात और खराब हो गए थे। लेकिन धीरे-धीरे समय ने करवट लेना शुरू किया और दोनों भाई ने क्रिकेट जगत में नाम कमाना शुरू कर दिया। आईपीएल ने हार्दिक-क्रुणाल की किस्मत को बदलने में काफी मदद की और दोनों अब करोड़ों के मालिक हैं।

हार्दिक ने बताया था, ‘मुझे अभी भी याद है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मेरी पहली पारी थी। मैं अजीब तरह की स्थिति में बल्लेबाजी करने के लिए आया था। दो ओवर बचे थे। उस मैच में डेविड विसे ने एक ओवर में तीन विकेट चटकाए। मैं जल्दी में भज्जी पा के पास गया जिन्होंने बस एक बात कही थी कि अपनी जिंदगी जी ले। मैंने दो छक्के लगा दिए थे।
हार्दिक ने साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 डेब्यू किया था। इसके बाद उसी साल उन्हें वनडे टीम में भी मौका मिल गया। भारतीय टीम ने उन्हें अगले ही साल श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में भी मौका दिया जिसका उन्होंने बखूबी फायदा उठाया। पंड्या आज तीनों फॉर्मेट में टीम का अहम हिस्सा हैं।
हार्दिक और क्रुणाल अब अपनी लैविश लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हार्दिक को तो खासतौर पर लग्जरी गाड़ियों के अलावा महंगी घड़ियों का शौक है। उनके कारों एवं घड़ियों की हर जगह चर्चा होती रहती है। हार्दिक के पास पैटेक फिलिप नॉटिलस वॉच है जिसकी कीमत 1.65 करोड़ रुपये है। कारों की बात करें तो पंड्या ब्रदर्स के पास Lamborghini Huracan Evo, रेंज रोवर वोग, मर्सिडीज जी63 एएमजी जैसी गाड़ियां हैं।
