देवरिया : लोक आस्था का महा पर्व छठ के तीसरे दिन रविवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे। सोमवार को उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के बाद व्रती हवन और पारण करेंगे। इसके साथ ही चार दिवसीय महापर्व का समापन हो जाएगा। इसकी शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि से होती है और समापन सप्तमी तिथि को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। छठ पर्व के दौरान सबसे ज्यादा धूम रहती है इसके गीतों की। कोई ऐसा छठ व्रती नहीं होगा, जिसके घर ये गीत सुनाई नहीं देते होंगे। इन गीतों के बीना छठ अधुरा लगता है।
भोजपुरी के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव, पवन सिंह से लेकर अक्षरा सिंह तक ने छठ पर्व से जुड़े गीतों में अपना योगदान दिया है। हर साल छठ महापर्व के दौरान इनके गीतों की धूम रहती है। छठ पर सबसे लोकप्रिय गीत ‘पहिले-पहिल’ की बात ना हो भला ऐसा कैसे हो सकता है। शारदा सिन्हा की आवाज में ये गाना छठ पर्व में चार चांद लगा देता है।
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार…ये छठ पर्व का सबसे लोकप्रिय गीत है। छठ पूजा के दौरान इस गीत को जरूर सुना जाता है। इस मशहूर गीत को शारदा सिन्हा ने अपनी आवाज दी है। म्यूजिक आदित्य देव का है। इसे लिखा हृदय नारायण झा ने है।
वहीं, खेसारी लाल यादव का लोकप्रिय छठ गीत ‘छठ घाटे चली’ भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है।
का करी दीनानाथ’ अक्षरा सिंह का छठ पर्व गीत
पवन सिंह और खुशबू जैन की आवाज में छठ गीत
महापर्व छठ के दूसरे दिन शनिवार को छठव्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया किया। इसके बाद रविवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे। सोमवार को उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के बाद व्रती हवन और पारण करेंगे।
