देवरिया। राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई है। वह केरल की वायनाड लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद थे। लोकसभा सचिवालय ने राहुल की सदस्यता खत्म होने की जानकारी एक नोटिफिकेशन जारी कर दी है। राहुल गांधी को उनकी मोदी सरनेम टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने की तारीख से लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है। गुरुवार को सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि के केस में 2 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द की गई है।

आमने-सामने सत्ता और विपक्ष
विपक्ष उनकी सदस्यता खत्म होने पर मोदी सरकार पर हमलावर है और इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहा है। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र का काला दिन करार दिया है। कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि कोलार वाले वक्तव्य के विषय में सुरत के मेजिस्ट्रट ने जैसे निर्णय दिया है वो धारा 202 का उल्लंघन है। सरकार जानबूझकर गलत केसेस थोपकर रोज आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इन सब से जनहित के मुद्दे उठाने में कांग्रेस या राहुल गांधी नहीं हिचकेंगे।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि देश में कानून का राज चलता है और ये अदालत का फैसला है। राहुल गांधी सोचते थे कि देश के संविधान और कानून से वे ऊपर हैं। सूरत की अदालत के फैसले के बाद स्पीकर ने ये निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि कोर्ट से बड़ा कोई नहीं होता, ये राहुल गांधी की समझ में आ गया होगा। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो जैसा करता है, वैसा परिणाम भोगता है। राहुल गांधी ने जो कहा, उसका परिणाम भुगता।
2019 का है पूरा मामला
मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था- “आखिर सभी चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं”। राहुल के बयान के बाद काफी हंगामा हुआ था और बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामला दर्ज करवाया था।
कोर्ट में माफी मांगने से किया इनकार
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने इस मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया था, उन्होंने कहा- “मेरा इरादा गलत नहीं था, मेरे बयान से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है”। राहुल गांधी ने इस मामले में कोर्ट से कम सजा देने की अपील की है। राहुल गांधी ने कोर्ट में माफी मांगने से इनकार कर दिया था।
कांग्रेस ने कहा- लड़ाई जारी है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “सत्य बोलने की वजह से राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई है। राहुल जो सच्चाई देश के सामने रख रहे हैं, ये बीजेपी को जच नहीं रहा है। ये किसी समाज के संबंध में नहीं है, जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे? ये लोग ऐसी अनुभूति बना रहे हैं कि राहुल गांधी ने पिछड़े समाज के बारे में बोला है।”

वहीं कांग्रेस ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई। वह आपके और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं। हर षड्यंत्र के बावजूद वह यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेंगे और इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे। लड़ाई जारी है।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है। भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा। उन्हें लग रहा है कि राहुल गांधी का मुंह बंद करना होगा क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो BJP सरकार से बाहर हो जाएगी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल पूछा कि अगर मोदी जी का मन साफ होता और हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी के घपले नहीं होते तो क्या कोई प्रधानमंत्री इस बात पर चर्चा करने से पीछे हटता। राजीव गांधी पर भी आरोप लगा था लेकिन वे बेदाग निकले। 7 बार लोकसभा में JPC हो चुकी है, फिर ये क्यों डरते हैं?

राजस्थान CM अशोक गहलोत ने किया ट्वीट
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद अशोक गहलोत ने सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि- “राहुल विपक्ष की आवाज हैं और अब यह आवाज इस तानाशाही के खिलाफ और मजबूत होगी।” उन्होंने ट्वीट कर यह भी कहा “भारत जोड़ो यात्रा में राहुल ने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और हिंदा का मुद्दा उठाया, भाजपा इनपर ध्यान देने की जगह राहुल के खिलाफ दमनकारी कदम उठा रही है।”

अखिलेश यादव ने की आलोचना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कई नेताओं की सदस्यता BJP ने ली है और आज कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी की सदस्यता गई है। ये सब जानबूझकर असली मुद्दे जैसे- महंगाई, बेरोजगारी और अपने मित्र उद्योगपति पर बहस से ध्यान हटाने के लिए किया गया है।
सजा के बाद राहुल गांधी ने किया था ट्वीट
सूरत कोर्ट से सजा का ऐलान होने के बाद से ही सियासी गलियारे में हलचल मची हुई थी। सजा के एलान के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया था- “मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन”।
अब क्या कर सकते हैं राहुल ?
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार आपराधिक मामलों में 2 साल या उससे अधिक की सजा पाने वाले सांसद या विधायक की सदस्यता रद्द करने का प्रावधान है। राहुल गांधी अब उच्च अदालत की शरण ले सकते हैं। वह सूरत कोर्ट के फैसले को चुनौती दे सकते हैं। लेकिन अगर उच्च अदालतों ने सूरत कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा तो राहुल अगले 8 साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहेंगे।
इससे पहले लालू प्रसाद यादव, आजम खान, विक्रम सैनी, कुलदीप सेंगर भी अपनी सदस्यता गंवा चुके हैं।