देवरिया। पवित्र चार धाम यात्रा की शुरुआत गुरुवार से शुरु हो चुकी है। 9 मई को तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था ऋषिकेश से केदारनाथ के लिए निकला। 10 मई को सुबह 7 बजे पूरी विधि विधान के साथ पूजा करके और मंत्रोच्चार के साथ बाबा केदारनाथ थाम के पट खोल दिए गए। पूजा के वक्त उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी भी मौजूद रहीं। पहले दिन से ही बाबा के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
अक्षय तृतीया के दिन खुले जाते हैं पट
बाबा केदारनाथ धाम का पट हर साल अक्षय तृतीया के दिन खोला जाता है। अक्षय तृतीया के शुभ दिन से ही बाबा केदारनाथ अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। हर साल बाबा केदारनाथ 6 महीने भक्तों को दर्शन देते हैं और 6 महीने उनके धाम के कपाट बंद रहते हैं। दिवाली के बाद पड़ने वाले भाई दूज के दिन के दिन केदारनाथ धाम के कपाट पूरे रीति रिवाज के साथ पूजा करने के बाद बंद कर दिए जाते हैं। केदारनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
20 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार
कपाट खुलने से पहले ही बाबा के धाम को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। इन फूलों की व्यवस्था भक्तों के दान और ट्रस्ट के माध्यम से किया गया। अलग-अलग फूलों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से धाम तक पहुंचाया गया। पूरा केदारनाथ धाम लाल, पीले और नारंगी रंगों के फूलों से सजा हुआ है। कपाट खुलने की प्रक्रिया 6 मई से शुरू हो चुकी है। 6 मई को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से गुप्तकाशी बाबा केदार का चल विग्रह पहुंचा फिर 7 मई को रामपुर पहुंचने के बाद 8 मई को गौरीकुंड और 9 मई को केदारनाथ धाम में विराजमान किया गया था। आज 10 मई से बाबा भक्तों के दर्शन के लिए विराजित हो गए है।