देवरिया। बिहार की राजनीति में पिछले 2 दिन दिनों से चल रही उठा-पठक और कयासों पर आखिरकार लगाम लग ही गई। वही हुआ जिसकी भनक सबको थी लेकिन कोई भी स्पष्ट रूप से बयान देने से बच रहा था। बिहार में चल रहा महागठबंधन टूट गया और जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बना ली है। नीतीश ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में नौवीं बार सीएम पद की शपथ ले ली है।

रविवार दिनभर क्या क्या हुआ

रविवार सुबह से ही बिहार में सियासी हलचल तेज रही, सुबह 11 बजे नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और महागठबंधन सरकार से इस्तीफा दिया। इसके बाद दोपहर 1 बजे फिर से राज्यपाल से मिले और नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। इन सबसे पहले नीतीश कुमार ने सीएम हाउस में विधायक दल की बैठक ली थी जिसमें उन्होंने इस्तीफे का ऐलान कर दिया था। शाम को जेपी नड्डा के पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने 9 और लोगों के साथ सीएम पद की शपथ ली। इन सबके बीच शपथ ग्रहण से पहले ही पटना में नीतीश कुमार और पीएम मोदी के बड़े-बड़े बैनर लगा दिए गए थे।


सीएम नीतीश कुमार के साथ इन्होंने ली शपथ

नीतीश कुमार समेत 9 लोगों को राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम के लिए भाजपा से सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने शपथ ली। इसके अलावा मंत्री के तौर पर विजय चौधरी, श्रवण कुमार, डॉक्टर प्रेम कुमार, संतोष कुमार सुमन, विजेंद्र यादव, सुमीत सिंह ने शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के घटक दल के सभी नेता मौजूद रहे। जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान, पशुपति पारस, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी शामिल हैं।

नीतीश के इस्तीफे पर क्या बोले जयराम रमेश

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि- “नीतीश कुमार के इस्तीफे से INDIA गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो अपना राजनीतिक रंग वक्त के अनुसार बदलते रहते हैं उनसे बड़ा अवसरवादी नेता मैंने नहीं देखा।”

इस्तीफे पर नीतीश कुमार का बयान

इस्तीफा देने के बाद नितीश कुमार ने कहा- “नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी के लोगों की राय को सुना। अब हमने इस्तीफा दे दिया। अभी हम जो पहले गठबंधन को छोड़कर आए थे तो जिस तरह से लोगों की ओर से दावा किया जा रहा था, वो अच्छा नहीं लग रहा था। आज महागठबंधन से अलग हो गए। हमारी पार्टी की राय के बाद हमने इस्तीफे का फैसला लिया। अब नए गठबंधन में जा रहे हैं। वहां भी लोगों को तकलीफ थी यहां भी लोगों को तकलीफ थी इसीलिए ये फैसला लिया गया।”