देवरिया। भारतीय महिला बैडमिंटन टीम ने मलेशिया के सेलनगर में इतिहास रच दिया। महिला बैडमिंटन टीम ने पहली बार एशिया टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता। भारत ने रोमांचक फाइनल में थाईलैंड को 3-2 से हरा कर चैंपियनशिप में अपना पहला गोल्ड जीतकर पूरे देश को गर्व का अनुभव कराया। थाईलैंड इस मुकाबले में पहले दो बार के कांस्य पदक विजेता रह चुका है। 28 अप्रैल से 5 मई तक चीन के चेंगदू में होने वाले उबेर कप के लिहाज से यह चैंपियनशिप काफी महत्वपूर्ण थी। इससे पहले इस चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने 2016 और 2020 में कांस्य पदक जीते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास रचने के लिए टीम को बधाई दी है।

2-2 से बराबर हो चुका था मुकाबला

भारतीय खिलाड़ियों के लिए चैंपियनशिप में मुकाबला कांटे का था। शनिवार को जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ शानदार जीत के बाद अश्मिता चालिहा से काफी उम्मीदें लगाई जा रही थी लेकिन वह दूसरे एकल में विश्व की 18वें नंबर की खिलाड़ी बुसानन ओंगबामरुंगफ़ान से 11-21 14-21 हार गई। युवा श्रुति मिश्रा और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन प्रिया कोन्जेंगबाम को बेन्यापा ऐम्सार्ड और नुनटाकर्न ऐम्सार्ड की दुनिया की 13वें नंबर की जोड़ी से 11-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे मुकाबला 2-2 से बराबर पर आ गया था।

अनमोल की जीत ने दिलाया गोल्ड

मुकाबला 2-2 से बराबर होने के बाद भारत को जीत दिलाने का दारोमदार अनमोल खराब पर टिका था जिन्होंने विश्व में 45वें नंबर की खिलाड़ी पोर्नपिचा चोइकीवोंग को 21-14 21-9 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।

भारतीय बैडमिंटन के लिए यह यादगार क्षण: पूर्व कोच

भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा कि-‘यह भारतीय बैडमिंटन के लिए यादगार क्षण है। इसका काफी श्रेय युवा खिलाड़ियों को जाता है। उन्होंने जीत का जज्बा दिखाया और एक दूसरे का समर्थन किया। माहौल उसी तरह का था जैसे भारत की थॉमस कप में जीत के दौरान था। इसलिए यह भारत के लिए विशेष क्षण है।’