देवरिया। वसंत पंचमी का त्योहार पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग तरह से सेलीब्रेट किया जाता है। वसंत पंचमी तक सरसों के खेत पूरी तरह से लहलहा उठते हैं इसलिए इसे कुछ जगहों पर इस दिन सरसों की उपज अच्छी होने की कामना के रूप में भी मनाया जाता है। बंगाल और असम में यह प्रमुख त्योहारों में से एक है। देश के बहुत से स्थानों में इस दिन विद्या की देवी सरस्वती और वाद्य यंत्रों की पूजा करके मनाया जाता है। माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन ही विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। आइए जानते हैं मां सरस्वती की पूजा के अलावा इस दिन और क्या करना शुभ माना जाता है।
पीले फूल से करें मां सरस्वती की पूजा
मां सरस्वती को पीले रंग के फूल बेहद पसंद हैं इस दिन माता पर पीले फूल अर्पित करने से मां प्रसन्न होकर विद्या का आशीर्वाद देती हैं। इसलिए इस दिन पीले रंग की फूल माला खरीद कर लाएं और मां सरस्वती को अर्पित करें। आज के दिन पीले फूल के तोरण खरीदें और उसे घर के मुख्य द्वार पर लगा दें। इससे घर के सदस्यों पर मां सरस्वती और लक्ष्मी दोनों की कृपा बनी रहती है। इस दिन मां सरस्वती की तस्वीर या प्रतिमा बच्चों के कमरे में लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगता है और उनका मन एकाग्र होता है।
कामदेव की भी होती है पूजा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन प्रेम और काम के देवता कामदेव की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि, इस दिन कामदेव और रति स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए विवाह से जुड़ी खरीदारी के लिए ये दिन बहुत शुभ माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन आप शादी का जोड़ा, गहने या अन्य सामान खरीद सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
कला और संगीत से जुड़े लोगों के लिए है खास महत्व
विद्यार्थियों के साथ ही इस दिन का महत्व संगीत से जुड़े लोगों के लिए भी होता है। अगर आपको संगीत की विद्या ग्रहण करनी है तो इसकी शुरुआत करने के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। संगीत के शौकीन लोग वाद्य यंत्र खरीदने के लिए सबसे शुभ मानते हैं। इस दिन माता सरस्वती को बांसुरी खरीदकर अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी का दिन नया घर या नई गाड़ी खरीदने के लिए भी अच्छा माना जाता है।