देवरिया। उत्तर प्रदेश का देवरिया जिला आज कल सुर्खियों में है। इसकी वजह है जिले के अधिकारी और जनप्रतिनिधि। देवरिया ऐसा जिला है, जहां प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सांसद तक सभी आईआईटी पासआउट हैं। प्रशासनिक सेवाओं में तो अक्सर आपने आईआईटियंस को देखा होगा लेकिन इत्तेफाक से यहां के सांसद भी आईआईटी के छात्र हैं। इस अनोखे इत्तेफाक से जिले को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



दिल्ली IIT पासआउट हैं शशांक मणि त्रिपाठी

देवरिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी भी आईआईटी पासआउट हैं। उन्होंने दिल्ली आईआईटी से बीटेक की पढ़ाई की है। आईआईटी से निकलने की वजह से उनकी सोच एक आम राजनेता से कुछ अलग नजर आती है। शशांक एक लेखक भी हैं। वह अपनी सकारात्मक सोच के साथ लोकसभा क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं, जिसका रोडमैप भी उन्होंने तैयार कर रखा है। शशांक जागृति यात्रा और जागृति इंटरप्राइज सेंटर पूर्वांचल के संस्थापक भी हैं।



डीएम दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर छाईं

जिले की डीएम दिव्या मित्तल ने भी दिल्ली IIT बीटेक किया है। दिव्या मित्तल हाल ही में मुहर्रम में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद जिले की सड़कों पर उतरी थीं और मुआयना किया था। उनके इस कदम से उनका अपने काम के प्रति समर्पण भाव नजर आया था। दिव्या मित्तल ने आईआईएम बैंगलोर से एमबीए भी किया है और उन्होंने पहले लंदन में जेपी मॉर्गन जैसी प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में जॉब भी किया है। अपने काम से अपनी पहचान बनाने वाली दिव्या मित्तल एक ईमानदार आईएएस ऑफिसर के रूप में जानी जाती हैं।



एसपी संकल्प शर्मा IIT रुड़की से एमटेक हैं

देवरिया के पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा भी आईआईटी पासआउट हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से एमटेक किया है। सिविल सेवाओं में आने से पहले उन्होंने आईटी सेक्टर्स की प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया है। जिले में संकल्प शर्मा की छवि तेज तर्रार और ईमानदार पुलिस अफसर की है। जिले में कई मौके ऐसे आए हैं जब इन्होंने अपनी कार्यक्षमता को साबित किया है।

कानपुर आईआईटी पासआउट हैं विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय

सांसद, डीएम और एसपी के अलावा जिले के मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय भी आईआईटी पासआउट हैं। उन्होंने कानपुर आईआईटी से ग्रेजुएशन किया है उसके बाद अहमदाबाद आईआईएम से एमबीए किया है। उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही यूपीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली थी। प्रत्यूष 21वीं रैंक के साथ टॉपर्स की सूची में थे।

जिले की कमान आईआईटियंस के हाथों होने से बढ़ी विकास की उम्मीदें

सभी शीर्ष पदों पर आईआईटियंस का आसीन होना किसी जिले के लिए छोटी बात नहीं है। शायद यह देश का पहला जिला है जहां शासन और प्रशासन के सभी बड़े पदों पर आईआईटी से पासआउट लोग बैठे हुए हैं। ऐसे में जनता को जिले के विकास को लेकर उम्मीद बढ़ गई है। देश के सर्वश्रेष्ट शिक्षण संस्थानों में से माने जाने वाले आईआईटी से निकलकर किसी जिले की कमान संभालने वाले ये सभी उच्च अधिकारी सकारात्म और विकासपरख सोच रखते हैं। जिले को उम्मीद हैं कि सभी मिलकर विकास का सटीक मॉडल तैयार करेंगे और जिले को एक नई ऊंचाई तक लेजाएंगे।