देवरिया। आईसीसी वर्ल्डकप टूर्नामेंट में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रिका के बीच हुए सेमीफाइनल मैच के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ भिड़ेगी। ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रिका को 3 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई, वहीं टीम इंडिया पहले ही सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 70 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर चुकी है। वर्ल्डकप का फाइनल मुकाबला 19 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे पहले भी 2003 में भारत और ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप ट्रॉफी के लिए भिड़ चुके हैं जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
क्यों आसान नहीं है ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराना
वर्ल्ड कप में अब तक टीम इंडिया अजेय रही है, लेकिन फाइनल मुकाबले में टीम कंगारू को हल्के में नहीं लिया जा सकता। भारत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अब तक 50 ओवर के गेम में काफी अच्छा खेल दिखाते आई है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ अब तक 146 वनडे फॉर्मेट के मैच खेले हैं जिसमें से 82 मैचों में जीत हासिल की है जबकि 10 मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला था। भारतीय मैदान में भारत, ऑस्ट्रेलिया से 67 बार भिड़ी है जिसमें भी ऑस्ट्रेलिया ने 30 मैचों में जीत हासिल की है। 2023 में ही फरवरी-मार्च में भी दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज के खत्म होने के बाद 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी, इसमें भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2-1 से मैच अपने नाम किया था। इन सभी पुराने रिकॉर्ड्स को देखते हुए कहा जा सकता है कि दोनों टीमों के बीच ट्रॉफी के लिए कांटे की टक्कर होने वाली है।
फॉर्म में चल रहे हैं दोनों टीम के खिलाड़ी
वर्तमान परिस्थिति में अगर हम दोनों टीमों की तुलना करें तो इस वर्ल्डकप में दोनों टीम के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत का शीर्ष क्रम हो या मिडिल ऑर्डर सभी अपने अच्छे फॉर्म में दिख रहे हैं। कोहली दूसरी टीमों के बल्लेबाजों से सबसे ज्यादा 711 रन बना चुके हैं। रोहित शर्मा ने भी 550 रन बनाए हैं और श्रेयस अय्यर ने भी अपना बेस्ट देते हुए 526 रन बना लिए हैं, जो कि किसी खिलाड़ी के लिए पहले वर्ल्डकप के लिहाज से एक अच्छा खासा स्कोर है। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले डेविड वॉर्नर ने 528 रन बनाए हैं और ग्लेन मैक्सवेल और मिशेल मार्श दो-दो शतक भी जमा चुके हैं। दोनों टीमों के बॉलर्स की बात की जाए तो मोहम्मद शमी ने 6 मैच खेलकर 23 विकेट लिए हैं वहीं ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज एडम जैम्पा भी विकेट के मामले में शमी के आसपास ही हैं। शमी के अलावा भी दूसरे गेंदबाज अपने फॉर्म में हैं जिनमें बुमराह ने अब तक 18 विकेट लिए, जडेजा ने 16, कुलदीप यादव ने 15 और मोहम्मद सिराज ने 13 विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम से हेजलवुड ने 14 और मिचेल स्टार्क ने 13 विकेट लिए हैं। टीम के रिकॉर्ड के हिसाब से अभी से यह कहना मुश्किल है कि ट्रॉफी किसके नाम होने वाली है। लेकिन भारतीय टीम 2003 का हिसाब जरूर चुकता करना चाहेगी।