देवरिया। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन भी चर्चा जारी रही इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कई बिंदुओं पर अपनी बात रखी। गृहमंत्री ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के उस बयान पर भी जबाव दिया जिसमें उन्होंने आतंकियों के पाकिस्तानी होने का सबूत मांगा था। साथी ही लोकसभा में उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए आतंकियों का कनेक्शन भी पाकिस्तान से था।
कांग्रेस का बयान पाक को क्लीन चीट देने जैसा: शाह
पी चिदंबरम के बयान पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि- “कांग्रेस नेता का यह सवाल कि आतंकी पाकिस्तान से आए या नहीं, देश के पूर्व गृह मंत्री की तरफ से एक तरह से पाकिस्तान को क्लीन चिट देने जैसा है। पाकिस्तान को बचा कर आखिर कांग्रेस को क्या मिलेगा। चिदंबरम पाकिस्तान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
आतंकियों के पाकिस्तानी होने के दिए सबूत
इस दौरान गृह मंत्री ने बताया की हमले में शामिल आतंकी जो सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराए गए उनके पाकिस्तानी होने के पुख्ता सबूत भी हमारे पास हैं जिन्हें वो संसद में सबके सामने रखने को तैयार हैं। सबूत के तौर पर उन्होंने बताया कि- “मारे गए तीन आतंकियों में से दो के वोटर नंबर तक हमारे पास हैं। उनकी जेब में पाकिस्तान में बने चॉकलेट भी पाए गए हैं।
आतंकियों का साथ देने वाले भी गिरफ्तार : शाह
अमित शाह ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकी पाकिस्तान से थे। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह 4 बजे इसकी पुष्टि हो गई। साथ ही जिन दो लोगों ने इन आतंकियों को शरण दी थी, उन्हें भी पकड़ लिया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकियों और उनके मददगारों को पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया।
हमले के वक्त मोदी के बिहार जाने वाले सवाल पर भी दिया जवाब
गौरव गोगोई के ‘मोदी बिहार चले गए और राहुल गांधी पहलगाम गए’ वाले बयान पर शाह ने कहा कि- “जब प्रधानमंत्री बिहार में थे, तब तक पहलगाम में कोई स्थिति नहीं थी। राहुल गांधी वहां पहले से मौजूद थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पीएम की प्राथमिकता गलत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक सभा में देश पर हुए हमले को लेकर जिम्मेदारी से बात की।”
राजनीति की जगह एकजुटता दिखानी चाहिए
अमित शाह ने अंत में कहा कि- “विपक्ष से अपील की कि ऐसे वक्त में जब देश के निर्दोष लोग आतंकी हमले में मारे गए, तब राजनीति करने के बजाय राष्ट्रहित में एकजुटता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। कांग्रेस नेताओं को इस पर सवाल उठाने के बजाय सेना और सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए।”