देवरिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को भगवान श्री कृष्ण जन्म स्थान और शाही ईदगाह मस्जिद पर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को झटका देते हुए श्री कृष्ण जन्म स्थान के स्वामित्व को लेकर दाखिल सिविल वादों को पोषणीय माना तथा मस्जिद पक्ष की अर्जियां खारिज कर दीं हैं। हो सकता है मस्जिद पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे। आपको बता दें कि मस्जिद पक्ष की तरफ से प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, मियाद कानून और वक्फ संपत्ति होने के आधार पर यह कहा गया था कि सिविल कोर्ट को वाद सुनने का अधिकार नहीं है। जिसे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ने खारिज कर दिया।
साधू-संतों में खुशी का माहौल
कोर्ट के फैसले के बाद हिंदूवादी संगठनों और साधु-संतों में खुशी का माहौल है। उन्हें जल्द ही अयोध्या की तरह मधुरा में भी श्री कृष्ण का भव्य मंदिर बनने का इंतजार है। आपको बता दें हाईकोर्ट ने विवादित सम्पत्ति के सर्वे के आदेश दिए थे। जिसे रोकने के लिए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और कहा कि आदेश 7 नियम 11 वाद की पोषणीयता को लेकर प्रार्थना पत्र हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए न्यायलय को अंतरित आदेश देने का कोई भी कानून नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाते हुए हाई कोर्ट इलाहाबाद की कार्यवाही को जारी रखने के आदेश दिया था।