देवरिया न्यूज़

हाईकमान के फरमान के बाद भी ये बड़े कांग्रेस नेता होंगे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल

देवरिया। राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता देश के सभी प्रतिष्ठित लोगों, नेताओं और संत महात्माओं को भेजे गए हैं। विपक्षी पार्टियों ने ट्रस्ट के द्वारा भेजा गया न्योता अस्वीकार कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने भी सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत किसी कांग्रेसी के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल ना होने की घोषणा की थी। कांग्रेस की इस घोषणा के बाद भी हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने की बात कही है।

कौन हैं विक्रमादित्य सिंह

विक्रमादित्य सिंह हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे हैं। वर्तमान में विक्रमादित्य हिमाचल कैबिनेट में लोक निर्माण मंत्री हैं। उन्होंने हाईकमान की आदेश को दरकिनार कर आयोध्या जाने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विक्रमादित्य 21 जनवरी कोशिमला से चंडीगढ़ और फिर वहां से फ्लाइट के जरिये लखनऊ पहुंचकर अयोध्या के समारोह के लिए रवाना होंगे।

क्यों जा रहे हैं विक्रमादित्य सिंह

विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि वो खुद से ज्यादा अपने दिवंगत पिता के लिए प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हो रहे हैं। वीरभद्र सिंह भी राम मंदिर के समर्थक थे। उनका कहना है मैं किसी पार्टी के नेता के तौर पर नहीं बल्कि वीरभद्र सिंह के बेटे के तौर पर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हो रहा हूं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मैं हिमाचल के उन चुनिंदा लोगों में से हूं जिन्हें राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है।

कोटा राजस्थान में कई कार्यकर्ताओं ने छोड़ी कांग्रेस

कांग्रेस के द्वारा राम मंदिर के लोकार्पण समारोह में शामिल नहीं होने के ऐलान के बाद राजस्थान के कोटा में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। कार्यकर्ताओं का कहना है जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं। सालों से कांग्रेस पार्टी के साथ काम किए कई बार लाठियां भी खाई लेकिन पार्टी का साथ हीं छोड़ा। लेकिन इस तरह से राम मंदिर का निमंत्रण स्वीकार नहीं करने से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

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