देवरिया। अयोध्या राम जन्म भूमि में राम मंदिर का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है। मंदिर निर्माण के बाद सबसे महत्वपूर्ण मंदिर की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था होगी। इसके लिए 13 अप्रैल को एक स्थाई सुरक्षा समिति ने सिक्योरिटी से संबंधित मुद्दों पर बैठक ली। बैठक में सुरक्षा समिति के अलावा, एडीजी सुरक्षा, सीआरपीएफ, पीएसी, खुफिया विभाग के साथ-साथ प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने पर मंथन किया।
77 करोड़ के आधुनिक हथियरों की होगी खरीदी
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद हाई टेक रखा जाएगा। जल, जमीन और आकाश तीनों जगहों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा को लेकर 77 करोड़ रुपए के हथियार खरीदने पर भी चर्चा हुई है। मंदिर परिसर में 24 घंटे बम निरोधि दस्ता, डॉग स्क्वॉड और दूसरे बलों की तैनाती की जाएगी।
अयोध्या में लगने वाले मेलों के लिए भी बना प्लान
बैठक में मंदिर की सिक्योरिटी के साथ-साथ अयोध्या में लगने वाले प्रमुख मेलों की सुरक्षा पर भी पूरी योजना पर चर्चा की गई। अयोध्या में 3 प्रमुख त्योहारों चैत्र रामनवमी, कार्तिक पूर्णिमा और सावन में झूलों का मेला लगता है। तीनों ही अवसर पर भव्य मेले आयोजन होता है। जिसमें देशभर से लाखों लोग अयोध्या पहुंचते हैं, मंदिर बन जाने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या भी दोगुनी होन की संभावना है इसीलिए सुरक्षा को लेकर खास प्लान तैयार किया गया है।
मंदिर के पहुंच मार्ग के साथ मूलभूत सुविधाओं का होगा विकास
मंदिर पूरा हो जाने के बाद देशभर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। यही वजह है कि मंदिर पहुंचने के मुख्यमार्ग के साथ दूसरे रास्तों को चौड़ा करने पर भी विचार हुआ। मुख्य मार्ग के अलावा संकरे रास्तों को विकसित करने से त्योहारों के समय भीड़ को नियंत्रित करना आसाना होगा, साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
हनुमानगढ़ी की सुरक्षा भी होगी सख्त
मुख्य राम मंदिर के अलावा हनुमानगढ़ी भी अयोध्या का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसलिए बैठक में हनुमानगढ़ी की सुरक्षा को भी सख्त करने के लिए खाका तैयार किया गया। अयोध्या आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।