देवरिया। दिल्ली आबकारी घोटाले में फंसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर शुक्रवार 5 जुलाई को हाई कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया। आज भी केजरीवाल को जमानत मिलने की जो उम्मीद थी वो पूरी नहीं हुई, अब अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। जमानत के साथ उस याचिका पर भी सुनवाई होनी है जिसमें उन्होंने सीबीआई की गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
केजरीवाल के वकील ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि- “यह वैसा मामला नहीं जिसमें ट्रिपल टेस्ट वाली पड़ताल का दूर-दूर तक कोई आरोप हो। इस मामले में चार सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। सीबीआई ने मामले में तब गिरफ्तार किया जब निचली अदालत से केजरीवाल को ईडी मामले में जमानत मिल चुकी है। 2023 में केजरीवाल से 9 घंटे पूछताछ हो चुकी है। जब केजरीवाल को पीएमएलए मामले में जमानत मिल जाती है फिर सीबीआई गिरफ्तार कर लेती है। वह कोई घोषित अपराधी या आतंकवादी नहीं हैं”
सीबीआई के वकील ने क्या दलील दी
सीबीआई के वकील डीपी सिंह ने कहा कि- “ केजरीवाल की तरफ से गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है, ऐसे में जमानत पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए। आमतौर पर पहले निचली अदालत में जमानत याचिका दायर होती है, उसके बाद हाई कोर्ट में दायर की जाती है।” कोर्ट ने भी इसपर कहा कि सीबीआई की जो दलील है कि बिना निचली अदालत में जमानत याचिका दायर किए, सीधे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, इस दलील पर बाद में विचार किया जाएगा।
26 जून को सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीन जुलाई को सीबीआई की गिरफ्तारी के मामले में जमानत के लिए याचिका दाखिल किया था। सीबीआई ने उन्हें 26 जून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें तीन दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद 29 जून को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीएम ने सीबीआई की गिरफ्तारी और रिमांड को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में हाई कोर्ट पहले ही सीबीआई को नोटिस जारी कर चुकी है।
पहले 21 दिनों के लिए दी गई थी जमानत
इससे पहले भी केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए सुप्रीम कोर्ट से 21 दिनों की जमानत मिली थी। 21 दिन बाहर रहने के बाद उन्होंने 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। बचाव पक्ष के वकील ने विक्रम चौधरी ने कहा कि ईडी के आरोपों का कोई सबूत नहीं है। चौधरी ने तर्क दिया था कि क्या ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है या कुछ राजनीतिक आकाओं के हाथों में खेल रही है? ईडी अपने सभी निष्कर्ष परिकल्पना के आधार पर निकालती है। उन्होंने कहा था कि केजरीवाल को किसी दूसरे व्यक्ति की तरह ही स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। चौधरी ने कहा मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार न करें। मैं नहीं चाहता कि मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार किया जाए। लेकिन मेरे साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप किसी सामान्य व्यक्ति के साथ करते हैं।
21 मार्च को हुई थी केजरीवाल की गिरफ्तारी
आपको बता दें दिल्ली के शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब विक्रेताओं से प्राप्त रिश्वत का इस्तेमाल गोवा मं आम आदमी पार्टी के चुनावी अभियान के लिए किया गया था और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से और अप्रत्यक्ष रूप से धन शोधन के अपराध के लिए उत्तरदायी हैं। केजरीवाल ने आरोपों से इनकार किया है और ईडी पर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया है।