देवरिया। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कई जिलों में भारी से बहुत ज्यादा बारिश हुई है। सागर, दमोह, रायसेन और छतरपुर जिलों में तेज बारिश से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटों तक यह सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन 13 सितंबर से बारिश में कमी आने की संभावना है।
कहां कितनी बारिश हुई
पिछले 24 घंटों में हुई बारिश के आंकड़े बताते हैं कि सागर के शाहगढ़ में 300 मिमी, दमोह के पथरिया में 280 मिमी, रायसेन के उदयपुरा में 254 मिमी और छतरपुर के बक्सवाहा में 244 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो बहुत ज्यादा बारिश की श्रेणी में आती है। इसके अलावा बालाघाट, जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, नर्मदापुरम, शिवपुरी और दतिया जैसे जिलों में भी भारी बारिश हुई है। बालाघाट के बैहर में 193।6 मिमी, जबलपुर शहर में 190।4 मिमी, और सिवनी में 185।2 मिमी बारिश हुई है।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
मौसम वैज्ञानिकों से मिली जानकी के मुताबिकमध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग मौसम प्रणाली सक्रिय हैं, जिसकी वजह से अगले 24 घंटों तक कई इलाकों में भारी से बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, भिंड और सागर जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 10 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
13 सितंबर के लिए प्रदेश के दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, मऊगंज, सतना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, और मैहर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में तीन मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, पूर्वी मध्य प्रदेश में बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। दूसरा, मानसून ट्रफ बीकानेर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला है। तीसरा, दक्षिणी गुजरात में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो तटीय इलाकों में बारिश का कारण बन रहा है।