देवरिया। श्रीनगर का लाल चौक बदलते हुए भारत की मिसाल पेश कर
रहा है। आर्टिकल 370 हटने के बाद से लाल चौक भी खुद को स्वतंत्र
महसूस कर रहा है। आज यहां पर बिना किसी डर के तिरंगा फहराया
जाता है। देश के नेता अब श्रीनगर में लाल चौक पर बेखौफ होकर लोगों
को संबोधित करते हैं। इसी बदलाव की एक और तस्वीर सोशल मीडिया
पर भी वायरल हो रही है जिसमें लाल चौक पर हनुमान चालीसा का पाठ
होता नजर आ रहा है।


एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया एप एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो लाल
चौक के घंटाघर के पास का है। इस वीडियो में पुजारी, स्थानीय लोग और
बड़ी संख्या में पर्यटक एक साथ पूजा पाठ का हिस्सा बनते हुए नजर आ
रहे हैं। पाठ और आरती के बाद जय श्री राम के नारे भी लगाए गए।

दरअसल कर्नाटक से अखिल भारतीय जन्मभूमि रथ यात्रा जम्मू कश्मीर
पहुंची। यहां पर इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। किष्किंधा
को बजरंगबलि का जन्मस्थान माना जाता है और हनुमान जी के भव्य
मंदिर निर्माण के लिए यह यात्रा निकाली गई है। जब यह यात्रा लाल चौक
पर पहुंची तो वहां, रथ पर विराजित हनुमान जी की विधि विधान से
पूजापाठ और आरती की गई साथ में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया
गया। लाल चौक के इतिहास में यह पहला मौका था जब वहां पर इस
तरह का कोई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ हो।

सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
वीडियो में जन्मभूमि रथ यात्रा का सुनहरे रंग का सुंदर सा रथ दिखाई दे
रहा है, जिसके भीतर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है। यह वीडियो रात
का है या सुबह का यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस जगह पर यह पूरा
आयोजन हो रहा है वहां पर आम लोगों के साथ ही सुरक्षा गार्ड भी नजर
आ रहे हैं। जिस जगह पर कभी आतंक का साया हुआ करता था वहां पर
इस तरह हनुमान चालीसा का पाठ होना बड़ी बात है। ऐसे में किसी
अनहोनी घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए
थे। हालांकि ऐसी कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई और पूजा और हनुमान
चालिसा का पाठ अच्छी तरह से संपन्न हो गया।

टीटवाल में शारदा मां की आरती में शामिल हुई थी यात्रा
कर्नाटक से निकली यह यात्रा नवरात्री के तीसरे दिन जम्मू-कश्मीर के
टीटवाल गांव में मां शारदा माई के मंदिर पहुंची थी। जहां पर रथ के साथ
चल रहे स्वामी गोविंदनाथ सरस्वती ने शारदा भवानी की आरती और
पूजा में हिस्सा लिया था। इस मंदिर में आजादी के बाद पहली बार
नवरात्री की पूजा हो रही है। यहां से चलकर रथयात्रा बुधवार को घंटाघर
पहुंची जहां पर हनुमान चालिसा का पाठ किय गया। यहां से यह रथ
यात्रा हनुमान मंदिर श्रीनगर, ज़ेस्टा देवी मंदिर श्रीनगर, खीर भवानी
मंदिर गांदरबल होते हुए वैष्णो देवी कटरा के लिए रवाना हो गई।