देवरिया। गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन का अनुमान है कि कभी भी निचले इलाकों में पानी घुस सकता है। हालात को देखते हुए आठ बाढ़ राहत शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वाराणसी में नमों घाट तक पानी आ चुका है।
यमुना और गंगा में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, नैनी में यमुना का जलस्तर 82.12 मीटर दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में एक मीटर ज्यादा है। इसी तरह गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 82.13 मीटर पहुंच गया है, जबकि छतनाग में 24 घंटे में 131 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बस्तियों के करीब पहुंचा पानी
गंगा और यमुना के इस बढ़ते जलस्तर का असर छोटा बघाड़ा, सलोरी, नेवादा, अशोक नगर, बेली कछार और शिवकुटी जैसे कछारी इलाकों में दिखने लगा है। कई इलाकों में पानी बस्ती की सड़कों तक आ चुका है। शुक्रवार शाम छोटा बघाड़ा और अशोक नगर की सड़कों पर गंगा की लहरें देखी गईं। दशाश्वमेध घाट पर गंगा का पानी मुख्य सड़क तक पहुंच गया है, जिससे तीर्थ पुरोहितों को अपने तख्त हटाकर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा।
लोग सामान समेत ऊपरी मंजिल पर गए
शिवकुटी के चिल्ला बस्ती में पानी सड़कों पर फैल चुका है। क्षेत्रीय निवासी राहुल ने बताया कि वे आवश्यक सामान समेटकर ऊपरी मंजिल पर ले जा रहे हैं। वहीं, कोटेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी रवि किशन गिरि ने बताया कि निचले इलाकों में पानी घुस गया है और लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। बेली कछार की सुंदरम कॉलोनी में भी पानी घरों के पास पहुंच चुका है। स्थानीय पार्षद भोला तिवारी ने बताया कि लोगों को अलर्ट किया गया है और जरूरी सामान पैक कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट, राहत शिविरों में इंतजाम पूरे
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एनी बेसेंट स्कूल (बघाड़ा), ऋषिकुल (न्याय मार्ग), और छावनी गेस्ट हाउस में राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं। इन शिविरों में बिस्तर, भोजन आदि की व्यवस्था कर ली गई है। एसडीएम सदर अभिषेक सिंह ने बताया कि जलस्तर की यही गति रही तो शनिवार सुबह तक पानी बस्तियों में घुस सकता है। लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
NDRF और सिविल डिफेंस की टीम तैनात
प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नावों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में छोटा बघाड़ा, अशोक नगर, चिल्ला बस्ती, और बेली कछार जैसे इलाकों में