देवरिया। लोकसभा चुनावों के नतीजों में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद अब एनडीए जल्द ही अपने नए मंत्रिमंडल का गठन करेगी। पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही केंद्र में नए मंत्रिमंडल की भी घोषणा हो जाएगी। साथ ही भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदारी भी नए कंधों पर आने की चर्चा है। जिसमें मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की अटकलें तेज हो चुकी है। आपको बता दें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी न ड्डा का कार्यकाल भी 30 जून को खत्म होने वाला है।

सभी नवनिर्वाचित सांसदों को बुलाया गया दिल्ली

सरकार बनाने की तैयारियों और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा के लिए भाजपा ने अपने सभी नवनिर्वाचित सांसदों को दिल्ली तलब किया है। दिल्ली में शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक होने वाली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवराज सिंह चौहान के अलावा एमपी के सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। इन सभी खबरों के बीच यह बात तय है कि शिवराज सिंह चौहान को केंद्र बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। आपको बता दें मध्यप्रदेश में बीजेपी ने सभी 29 लोकसभा सीटों पर अपना परचम लहराया है।

कांग्रेस ने की शिवराज सिंह की तारीफ, पीएम बनना की मांग की

मध्यप्रदेश में मामा के नाम से लोकप्रिय पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने विदिशा से अपना प्रत्याशी बनाया था, उन्होंने वहां से 8 लाख 21 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। अब सिर्फ भाजपा में ही उनकी तारीफ नहीं हो रही बल्की विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए उन्हें पीएम बनाने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि- “मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा शिवराज सिंह चौहान छाए हुए है। शिवराज ओबीसी हैं, मोदी से आठ साल युवा हैं। खाटी संघी हैं। मोदी सिर्फ 1.5 लाख से चुनाव जीते, जबकि शिवराज 8.21 लाख से जीते हैं। दिल्ली का मौसम बदल रहा है”। वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने लिखा कि- “शिवराज सिंह चौहान परिवक्त नेता हैं। विधानसभा चुनाव की जीत का भी कारण रहे थे। आरएसएस के प्रिय हैं। कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में 66 और लोकसभा चुनाव में 0 करने के मुख्य किरदार हैं।” पूर्व सांसद उदित राज ने लिखा कि- “देशहित में राहुल गांधी जी या मल्लिकार्जुन खरगे जी को पीएम बनना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो अखिलश यादव या चंद्रबाबू नायडू या नीतीश कुमार को पीएम बनना चाहिए। भाजपा का पीएम नहीं होना चाहिए। अगर होता है तो नितिन गड़करी या शिवराज सिंह चौहान बनें।”

क्यों हो रही शिवराज सिंह चौहान के नाम की इतनी चर्चा

शिवराज सिंह चौहान की छवि राजनेता के तौर पर भी और व्यक्तिगत तौर पर भी शुरु से सरल और व्यवहार कुशल नेता की रही है। शिवराज सिंह चौहान ओबीसी से आते हैं और जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं। उनके काम का प्रतिबिंब जनता का उनसे लगाव ही है। विधानसभाचुनावों में जीत के बाद भी सीएम नहीं बनने पर एमपी की महिलाएं जो उन्हें भैया बुलाती हैं, फूट-फूट कर रोईं थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था। अब लोकसभा चुनावों में इतने बड़े अंतर से जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि वो सिर्फ अपनी लाड़ली बहनों के प्रिय भाई नहीं बल्की पूरे प्रदेश के पसंदीदा नेता हैं। उन्होंने सिर्फ राज्य में ही खुद को साबित नही किया है बल्की केंद्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने साल 2002 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और 2003 में राष्ट्रीय महासचिव का पद संभाला है। विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद भी सीएम का पद नहीं दिए जाने के बाद से ही सुगबुगाहट थी कि अब उन्हें केंद्र में कोई ना कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है।