देवरिया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इस्लामाबाद में एससीओ की बैठक में शामिल होने के बाद बुधवार देर शाम नई दिल्ली लौट आए। जयशंकर लगभग 24 घंटे तक पाकिस्तान की राजधानी में रहे, जहां उन्होंने दो बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से हाथ मिलाया। उन्होंने शरीफ द्वारा आयोजित डिनर में हिस्सा लिया और लंच में अनौपचारिक बातचीत भी हुई हालांकि, इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में बड़े सुधार के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
एस जयशंकर ने पाकिस्तान को कहा धन्यवाद
इस्लामाबाद से लौटने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने पीएम शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री ईशाक दार और पाकिस्तान सरकार को उनकी ओर से किए गए स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर धन्यवाद का संदेश दिया, जिसका जवाब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी ‘धन्यवाद’ से दिया।
द्विपक्षीय वार्ता नहीं थी यह यात्रा
जयशंकर और पाक पीएम के बीच हुई अनौपचारिक बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भोज के दौरान सभी नेता एक-दूसरे से अनौपचारिक रूप से बात कर रहे थे। इस्लामाबाद रवाना होने से पहले ही जयशंकर ने कहा था कि वह एक सभ्य व्यक्ति हैं और वहां वैसा ही व्यवहार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह यात्रा एससीओ के संदर्भ में हो रही है, इसे द्विपक्षीय संबंधों से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए।
9 साल बाद भारतीय विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा
लगभग 9 सालों में यह पहली बार है कि भारत के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की यात्रा की। भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे और सीमा पार आतंकवाद को लेकर संबंध लंबे समय से खराब रहे हैं। इससे पहले, 2015 में सुषमा स्वराज पाकिस्तान जाने वाली आखिरी भारतीय विदेश मंत्री थीं। वे अफगानिस्तान पर एक सम्मेलन में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद गई थीं। इस बार पाकिस्तान ने 15 और 16 अक्टूबर को दो दिवसीय एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।