देवरिया। मंगलवार को राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश के हालात पर जानकारी दी। उन्होंने बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शन और शेख हसीना के इस्तीफे के बारे में विस्तार से अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि- “हम 19 हजार भारतीयों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। जुलाई में ही बहुत से छात्र देश वापस लौट आए थे।”
“सत्ता हथियाना आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य”
विदेश मंत्री ने राज्यसभा में संबोधन देते हुए उन्होंने कहा कि- “हम हालात पर नजर रख रहे हैं। बांग्लादेश में जनवरी 2024 में हुए चुनाव के बाद से ही माहौल तानवपूर्ण था। इसकी वजह से जून में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हुआ। वहां की सरकारी इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ है। हमने शांति के जरिए समाधान निकालने की गुजारिश की। इस आंदोलन का उद्देश्य शेख हसीना को पद से हटाना था।
“अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता”
एस जयशंकर ने कहा कि- हमारे लिए चिंता की बात ये रही है कि अल्पसंख्यकों की दुकानों और मंदिरों पर भी हमले की खबरें आ रही है। अभी तक पूरी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। बांग्लादेश हमारे बहुत करीब है। वहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हालात वहां अल्पसंख्यकों पर हमले चिंता का विषय है। हमारा दूतावास वहां सक्रीय है। कुछ स्टूडेंट्स भी लौट चुके हैं। हमें आशा है कि वहां की सरकार हमारे नागरिकों को सुरक्षा मुहैया करवाएगी” उन्होंने शेख हसीना के कुछ समय के लिए भारत में रहने की भी जानकारी दी।
सर्वदलीय बैठक में भी दी जानकारी
सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सभी दलों के नेताओं को हिंसा प्रभावित देश के हालातों के बारे में सही जानकरी दी और इस स्थिति के संभावित सुरक्षा, आर्थिक और कूटनीतिक नतीजों से निपटने के लिए भारत सरकार किस तह से तैयारी कर रही है इस बात की भी जानकारी दी। जयशंकर सांसदों से कहा- “यह एक मौजूदा स्थिति है। सरकार सही समय पर उचित कार्रवाई करेगी” जयशंकर ने कहा कि वे शेख हसीना को समय देना चाहते हैं, ताकि वे केंद्र को अपनी भावी कार्रवाई के बारे में बता सकें।