देवरिया।बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिव संवाद का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में ना सिर्फ देश भर के शिव भक्त शामिल होंगे बल्कि विदेश में रहने वाले शिव उपासक और विद्वान भी शिरकत करेंगे। शिव संवाद की शुरुआत 11 अगस्त से होगी। इसके पहले उसी दिन पार्थिव शिव की पूजा अर्चना और अभिषेक कराया जाएगा। इतने बड़े स्तर पर शिव संवाद का आयोजन वाराणसी में पहली बार होने जा रहा है।


शिव संवाद की शुरुआत भारत से
काशी के कथा आयोजक रवि शंकर महाराज ने कहा कि यदि शिव हमारे सब कुछ हैं तो व्यक्ति अवसाद और उन्माद में क्यों जाता है, विवश और निराश क्यों होता है। शिव को सौंपकर निश्चिंत हो जाइए। अंतर्राष्ट्रीय शिव संवाद की श्रंखला की शुरुआत भारत से हो रही है। इसके माध्यम से सदियों बाद सनातन का परचम लहराने की कोशिश की जाएगी। भारत के बाद नेपाल के काठमांडू में शिव संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस प्रकार यह श्रृंखला विश्वभर में चलती रहेगी।

देश विदेश से आए वक्ता लेंगे हिस्सा
शिव संवाद का आयोजन काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में ही किया होगा। जिसमें देश-विदेश से आए बहुत से विद्वान अपना-अपना प्रवचन करेंगे। कार्यक्रम में विद्वानों के प्रवचन का केंद्र “कण-कण में शिव”होगा। काशी में पहली बार शिव संवाद का इतना भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल विद्वान वक्ता बताएंगे कि कैसे शिव ही पर्यावरण, चिकित्सा, कला, वाणिज्य और लोक कल्याण के स्वामी और प्रबंधक है।