देवरिया। भारत में पहली बार एशियन फिल्म फेस्टिवल का आयोजन गुवाहाटी में 7 से 9 फरवरी तक किया जा रहा है। प्रथम गुवाहाटी एशियन फिल्म फेस्टिवल 2025 को असमिया फिल्म, कला, संगीत और रंगमंच के अलावा मीडिया, पर्यटन विभाग, ट्रैवल और शिक्षण संस्थान से जुड़े लोग आयोजित कर रहे हैं। इस वार्षिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य एशिया की सिनमैटिक परंपराओं की विविधता को प्रदर्शित करना और पूर्वोत्तर भारत के सिनेमा को एशियन सिनेमा से जोड़ना हैं। साथ में पूर्वोत्तर भाषाई, भारतीय भाषाई सिनेमा और दक्षिण एशिया के सिनेमा में उभरते हुये और स्थापित फिल्म-निर्माताओं की कहानियों और रचनात्मकता को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान देने की उम्मीद हैं। इस उत्सव को पूर्वोत्तर भारत और एशियन सिनेमा की विविधता को मनाने का एक मंच के तौर पर देखा जाएगा।

क्या है फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य?

विभिन्न विशेषताओं के आधार पर इस उत्सव के लिए फिल्मों का चयन किया गया हैं। फिल्मों की कहानियों में अनूठापन, सांस्कृतिक बदलाव, फिल्मों के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक आख्यान और नवीनता के बारे में फिल्म-निर्माताओं और दर्शकों में संवाद और विमर्श को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। गुवाहाटी एशियन फिल्म उत्सव का मिशन एशियन सिनेमा को प्रोत्साहित करना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, सिनेमा के विभिन्न कला-कौशल को दिखाना और स्थानीय और वैश्विक दर्शकों को प्रेरित करना हैं। फिल्मों के शो, कार्यशालायें, संवादों के माध्यम से यह उत्सव अगली पीढ़ी के फिल्म-निर्माताओं को बढ़ावा देने का मंच और उनके बीच में सांस्कृतिक ब्रिज बनेगा ।

स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा

गुवाहाटी एशियन फिल्म फेस्टिवल में पूर्वोत्तर भारत फिल्म प्रतियोगिता के माध्यम से इस क्षेत्र की यूनीक सिनेमाई कला और प्रयासों को शामिल किया गया हैं। यह प्रतियोगिता इस क्षेत्र की स्थानीय प्रतिभा, उनकी फिल्मों से स्थानीय, क्षेत्रीय, देशी और विदेशी दर्शकों को जोड़ने, स्थानीय अस्मिता को बढ़ावा देना, और क्षेत्र में उभरते फिल्म-निर्माताओं को एक मंच प्रदान करना, उन्हें पहचान दिलाना और देशी और विदेशी फिल्म उद्योग के व्यवसायियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा| पूर्वोत्तर राज्यों में पूर्वी और पश्चिम एशिया की फिल्में और टीवी सीरियल लोकप्रिय हैं जिनमें कोरियन और जापानी, टुरके और ईरानी प्रमुख है।

भारत के पूर्वी एशियाई देशों मजबूत होंगे रिश्ते

पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी एशिया के बीच में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नजदीकियां और आदान-प्रदान प्रचलित हैं| यह फिल्म फेस्टिवल भारत और पूर्वी एशियाई देशों के बीच में सॉफ्ट पावर संबंधों को बढ़ावा देगा| इस प्रकार की पहल से भारत के एशियाई देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी| देशभर की विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों की कहानियों, संस्कृतियों और परंपराओं को इस उत्सव में शामिल किया गया हैं। इस उत्सव के लिए ऐसी फिल्मों के चयन पर ध्यानकेंद्रित किया गया है जो यूनीक आख्यानों और कलात्मक दृष्टियों को सामने लाने के प्रयास की हैं। यह उत्सव भारतीय भाषाओं के फिल्म-निर्माताओं के कार्यों को व्यापक दर्शकों तक लाने का एक मंच प्रदान करता है| इसके अलावा गैफ पूर्वोत्तर सिनेमा को एशियाई सिनेमा से जोड़ने में कारगर सिद्ध होगा।

इन देशों के फिल्मों का होगा प्रदर्शन

आज़रबाइजान, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, हांगकांग, ईरान, इंडोनेशिया, नेपाल, फ़िलिपींस, बांग्लादेश, टुरके और श्रीलंका देशों की फिल्में जो केन्स, बर्लिनले और बूसान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में अच्छा प्रदर्शन और सम्मान प्राप्त की हैं, को गुवाहाटी फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शन के लिए चयन किया गया हैं| ऐसी फिल्में जो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर आलोचनात्मक प्रशंसा प्राप्त कर चुकी हैं, उनको प्रदर्शित किया जाएगा| फिल्मों के प्रदर्शन के बाद फिल्म-निर्देशकों, निर्माताओं के साथ सवाल-जवाब के विशेष अधिवेशन भी रखे गए इस तीन-दिवसीय फिल्म उत्सव में| हिन्दी, इंग्लिश, मणिपुरी, बंगाली, असमिया, नेपाली, मगही, मलयालम और कार्बी भाषाओं में बनी फिल्मों को इस उत्सव में प्रवेश मिला हैं।

मीडिया प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट होंगे शामिल

सिनेमाप्रेमी और सामान्य दर्शकों के अलावा फिल्म स्टडीज और मीडिया के जुड़े विद्यार्थी और अकादमिक जन की भागीदरी और उपस्थिति रहेगी| इस तीन-दिवसीय उत्सव में फिल्म जगत से जुड़े व्यावसायिक लोग, जिनमें निर्देशक, निर्माता और कलाकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे| इसके अलावा कला-सांस्कृतिक के जानकार और पर्यटक भी इस उत्सव में भाग लेंगे| रुद्र बरुआ और डॉ भूपेन हज़ारिक ऑडिटोरियम में तीन दिनों में कुल 25 क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा| 13 फिल्म निर्देशक भी मौजूद रहेंगे, उनकी फिल्म के प्रदर्शन के दौरान| सिर्फ बांगलादेश और श्रीलंका के फिल्म निर्देशक गैफ में अपनी शिरकत करेंगे। पूर्वोत्तर राज्यों से कुल 6 फिल्में और 11 विदेशी भाषाओं की फिल्में, 4 भारतीय भाषाओं की फिल्में जिनमें हिन्दी, बंगाली, मलयालम और मगही शामिल हैं।

बॉलिवुड के प्रोड्यूसर , डायरेक्टर होंगे शामिल

इस फिल्म फेस्टिवल में नामी फिल्मी डायरेक्टर प्रोड्यूसर भी शामिल होंगे। इम्तियाज़ अली, रीमा दास, ओनिर और कबीर खान 9 फ़रवरी को 5:30 बजे रुद्र बरुआ ऑडिटोरियम में इनकी द्वारा निर्देशित की गयी फिल्म  माई मेलबोर्न के दौरान उपस्थित रहेंगे। गुवाहाटी एशियन फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन 3 बजे पूर्वोत्तर भारत सिनेमा के भविष्य पर परिचर्चा होगी। 8 फरवरी को सुबह 11 बजे डिजिटल फिल्म-मैकिंग वर्क्शाप का आयोजन किया जाएगा और 9 फ़रवरी को सुबह 10:30 बजे प्रसिद्ध दिरदेशक ओनिर के साथ मीट द गेस्ट कार्यक्रम हैं| फिर 2 बजे युवा और सिनेमा पर एक पैनल परिचर्चा हैं।

पर्यटन मंत्रालय असम सरकार, बोड़ोलेंड पर्यटन विभाग ने इस फेस्टिवल को समर्थन दिया हैं। एशिया-यूरोप संस्थान का एएसईएफ कल्चर 360 ने मीडिया, ट्रैवलस्परॉ ने ट्रैवल, इंडियन ऑइल, निकॉन, सोनी, नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड, गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और कई दूसरे गैफ के सहयोगी बने हैं।