देवरिया। मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने संसद में बजट की चुनौतियों, रुपए की कमजोरी और GST के महत्व पर लंबी चर्चा की। वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी से इंडायरेक्ट टैक्स की दरें 15।8% से घटकर 11।3% हो गई हैं। बजट को लेकर उन्होंने कहा कि- “वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बजट बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।”

रुपए और डॉलर की तुलना पर बोलीं वित्तमंत्री

वित्त मंत्री ने रुपये की कमजोरी पर बोलते हुए कहा कि- “ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू पर कई वैश्विक और घरेलू कारक प्रभाव डाल रहे हैं। अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच भारतीय रुपया 3.3% कमजोर हुआ है, लेकिन यह गिरावट कुछ अन्य एशियाई मुद्राओं की तुलना में कम रही है। इस दौरान दक्षिण कोरियाई वॉन 8.1% और इंडोनेशियाई रुपिया 6.9% तक गिर चुका है। वहीं, सभी G-10 मुद्राओं में भी 6% से अधिक की गिरावट देखी गई, जिसमें यूरो 6.7% और ब्रिटिश पाउंड 7.2% कमजोर हुआ।

GST से हुए फायदों के बारे में बताया

उन्होंने कहा कि – “गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को लेकर कहा कि इसके लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष करों (indirect taxes) में काफी कमी आई है। बकौल वित्त मंत्री, पुरानी कर प्रणाली के तहत औसत अप्रत्यक्ष कर दर 15.8% थी, जो अब घटकर 11.3% हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (AITC) के सांसद नदीमुल हक के एक सवाल का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि GST लागू होने के बाद से कर की दरों में लगातार गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा, “पहले रोजमर्रा की चीजों पर 15.8% कर लगता था, लेकिन अब यह घटकर 11.3% हो गया है। GST काउंसिल द्वारा लगातार दरों में कटौती की जा रही है।”

बजट बनाना चुनौतीपूर्ण हुआ: सीतारमण

वित्तमंत्री ने आगे कहा कि-  “पिछले 10 वर्षों में वैश्विक स्थिति पूरी तरह बदल गई है, जिससे बजट बनाना पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष (2025-26) के लिए उधार ली गई राशि का 99% पूंजीगत व्यय के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया है।”

2025-26 के लिए बजट आवंटन का दिया विवरण

कृषि क्षेत्र  के लिए 1.71 लाख करोड़
ग्रामीण विकास के लिए  2.67 लाख करोड़
शहरी विकास और परिवहन के लिए 6.45 लाख करोड़
स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए 2.27 लाख करोड़
रक्षा क्षेत्र के लिए (पेंशन छोड़कर) 4.92 लाख करोड़