देवरिया। फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ बॉक्स ऑफिस पर जम गई है। शोज़ हाउसफुल जा रहे हैं। मूवी को दर्शकों का प्यार तो मिल रहा है लेकिन विवाद का साथ भी नहीं छूट रहा। दर्शकों का एक वर्ग‘द केरला स्टोरी को आंख खोलने वाली फिल्म बता रहा है, वहीं दूसरे पक्ष का तर्क है कि ये फिल्म एक समुदाय विशेष की छवि खराब करने वाला प्रोपेगण्डा है। द केरला स्टोरी’ मध्यप्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश में भी टैक्स फ्री हो गई है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी कैबिनेट के साथ फिल्म देखेंगे। पश्चिम बंगाल की सीएम ममत बनर्जी ने फिल्म को राज्य में बैन कर दिया है।


एमपी के बाद यूपी में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पहले ही फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी फिल्म टैक्स फ्री कर दी गई है। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर फिल्म के टैक्स फ्री होने की घोषणा की। वे अपनी कैबिनेट के साथ फिल्म देखेंगे। भारतीय जनता पार्टी के नेता फिल्म देख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी ‘द केरला स्टोरी’ पर आ चुका है।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फिल्म देखने के बाद कहा “यह केवल एक फिल्म नहीं है यह कुछ सत्य कथाओं पर आधारित जन जागृति की मुहिम है। इस फिल्म के निर्देशक को फांसी देने की मांग करने वालों के सड़े हुए दिमाग के सड़े हुए विचारों को फांसी देने की ज़रूरत है। हमने निश्चित रूप से कहा है कि हम इसके(लव जिहाद) ऊपर विचार भी कर रहे हैं और पहल भी करेंगे।”


फिल्म की कहानी झूठी: ममता बनर्जी
फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को बंगाल में बैन कर दिया गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा “राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए ‘द केरला स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस फिल्म में दिखाए गए सभी दृश्य राज्य की शांति व्यवस्था के लिए खतरनाक हो सकते हैं। एक राजनीतिक दल आग से खेल रहा है, वो जाति-धर्म पर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”पश्चिम बंगाल में फिल्म बैन कराने पुलिस पहुंची, इस दौरान लोगों से बहस भी हुई।


स्मृति ईरानी ने कहा- वोट बैंक की राजनीति समझ से परे
पश्चिम बंगाल में फिल्म बैन होने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ममता बनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा “मैं ममता बनर्जी से पूछती हूं कि जिस फिल्म में आतंकवादी संगठनों का पर्दाफाश हुआ, जिस फिल्म में असल पीड़ित परिवार समाज, राष्ट्र, राजनीतिक दल से मदद की गुहार लगा रहे हैं, ऐसे में ममता बनर्जी पीड़ित महिलाओं का समर्थन करने के बजाए आतंकवादी संगठनों का समर्थन क्यों कर रहीं हैं? वोट बैंक की राजनीति समझ आती है, टेरर बैंक की राजनीति समझ के परे है। कुछ लोगों के लिए यह फिल्म कल्पना है लेकिन बहुत सारे केरल प्रदेश के लोगों के लिए यह हकीकत है। वह राजनीतिक दल जो लड़कियों को फंसाए जाने, जबरन धर्मांतरण और ISIS ब्राइड्स को झुठलाते हैं, मैं उनसे अपील करती हूं कि यह फिल्म आतंक और आतंकवाद के ख़िलाफ़ है। अगर आपने इस फिल्म को अपने प्रदेश में रोका है तो आप देश को संकेत और संदेश दे रहे हैं कि आप आतंक के समर्थक हैं, महिला सुरक्षा के नहीं।“ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो फिल्म देखेंगी और बताएंगी कि फिल्म में ऐसा क्या है जो ममता बनर्जी को पसंद नहीं आया।


भाजपा का पलटवार, कहा- ममता से यही उम्मीद थी
फिल्म को बैन करने और फिल्म पर ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी ने उन्हें आड़े हाथ लिया है। बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ट्वीट कर कहा – ‘आश्चर्य की कोई बात नहीं, यह उनसे अपेक्षित है। यह सच्ची कहानियों पर आधारित है और दिखाता है कि कैसे इस्लामवादी, हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाते हैं और बाद में ISIS आतंकवादी बनने के लिए भेजते हैं। दीदी सच्चाई से आंखें मूंद लेना चाहती हैं। वह बंगाल के लोगों, विशेषकर महिलाओं को इस कठोर वास्तविकता से वंचित करना चाहती है। बंगाल में लव जिहाद के मामले आम हैं। बंगाल ने जब भी जरूरत पड़ी देश का नेतृत्व किया है। उनका फैसला इसके विपरीत है। प्रतिबंध लगाकर, उन्होंने फिर से साबित कर दिया है कि वह बंगाल का भला नहीं चाहती है। शर्मनाक।’