देवरिया। चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। माता के भक्त इन दिनों 9 दिनों के कठिन व्रत का पालन करते हैं। चैत्र नवरात्र में गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि व्रत करना कठिन हो जाता है। व्रत करने वाले भक्तों को इस दौरान ऐसी चीजों का इस्तेमाल भरपूर करना चाहिए जिनमें पानी की प्रचूर मात्रा होती है। अगर एक बार ही फलाहार करते हैं तो पूरे दिन पानी, लस्सी, शरबत, नींबू पानी या नारियल पानी से पेट को भरा रखना चाहिए। यहां हम आपको फलाहार की कुछ रेसिपी बता रहे हैं जो इस गर्मी में आपका व्रत अच्छी तरह से पूरा कराएगी।

भगर की खिचड़ी

सामाग्री- भगर,मूंगफली दाना, आलू, दही, सेंधा नमक
विधि-सबसे पहले भगर को अच्छी तरह धो कर अलग रख दें। अब कड़ाही में थोड़ा से तेल या घी गरम करके उसमें मूंगफली डालें और अच्छी तरह भुन जाने पर आलू डाल लें। अब नमक डालकर आलू को थोड़ा सेंक लें फिल धुले हुए भगर डालकर हल्का सेंक लें फिर भगर का दोगुना पानी डालकर ढककर पका लें। भगर चावल की तरह खिले-खिले भी बनते हैं और खिचड़ी की तरह भी। आप अपनी पसंद के हिसाब से कम या ज्यादा पका सकते हैं।

कच्चे केले की टिक्की

सामाग्री- कच्चा केला, सेंधा नमक, तेल या घी, हरा धनिया, हरि मिर्च, कुट्टु का आटा
विधि-सबसे पहले केले को उबाल लें फिर ठंडा हो जाने पर छिलका उतार लें। अब केले को मैश करके उसमें सेंधा नमक, बारिक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया और कुट्टू का आटा मिला लें। अब तैयार डो से छोटी-छोटी टिकिया बना लें और घी या तेल में शैलो फ्राई कर लें। डीप फ्राइ भी कर सकते हैं लेकिन गर्मी में डीप फ्राइ चीजें व्रत के दौरान डाइजेशन के लिए ठीक नहीं होती है। चाहें तो साथ में नारियल की चटनी भी तैयार कर सकते हैं।

साबूदाने की खिचड़ी

साबूदाने की खिचड़ी व्रत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाला फलाहार है। इसे कम तेल में बनाया जा सकता है और बनाने में बहुत ज्यादा मसालों का उपयोग नहीं होने के कारण ये सात्विक भोजन में आता है। जो कि व्रत के हिसाब से एकदम सही है।

फलाहारी खिचड़ी बनाने के लिए आपको चाहिए- साबूदाना, मूंगफली, तेल, कढ़ी पत्ता, हरी मिर्च, सेंधा नमक, नींबू, आलू
साबूदाने की खिचड़ी बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रोसेस होता है साबूदाने को भिगोना। साबूदाने ज्यादा भीग जाने पर आपस में चिपक जाते हैं और खाने में भी परेशानी होती है। इसलिए साबूदाने को भिगोने के लिए सबसे पहले अच्छी तरह धो लें फिर उसमें उतना ही पानी डालें जितने में साबूदाना डूब जाए। पानी का लेबल साबूदाने के लेबल से थोड़ा ही उपर होना चाहिए 4 से 5 घंटे में साबूदाना पूरा पानी सोख कर भीग जाएगा और आपको पानी अलग करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

खिचड़ी बानाने की विधि- मूंगफली दाने को ड्राय रोस्ट करके दरदरा पीस कर साबूदाने में मिक्स करके अलग रख लें। एक कड़ाही में तेल लें और उसमें मिर्च और कढ़ी पत्ता डालें (जीरे का भी तड़का दे सकते हैं) फिर कटे हुए आलू डाल लें। आलू में थोड़ा सा सेंधा नमक डाल लें। जब आलू अच्छी तरह पक जाए तो उसमें साबूदाना डाल दें और थोड़ा नमक डालकर ढक कर पकने दें। थोडी देर बाद खोलकर देखें साबूदाना ट्रांसपेरेंट हो चुका होगा मतलब पूरा पक चुका है। आप हाथ से दबा कर देखें साबूदाना अच्छी तरह पका है या नहीं। पक जाने पर गैस बंद कर दें और फिर स्वाद अनुसार नीबू का रस निचोड़ कर अच्छी तरह मिला लें।

भगर की खीर

सामाग्री- भगर, घी, शक्कर, ड्राय फ्रूट्स, इलायची पावडर
विधि-खीर बनाने के लिए सबसे पहले भगर को धोकर अलग रख लें। कड़ाही में थोड़ा सा घी लें और धुले हुए भगर को रंग बदलते तक सेंक लें। सिंक जाने पर दूध डाल लें और फिर स्वादानुसार शक्कर डाल लें। भगर अच्छी तरह पक जाए तो बारीक कटे हुए ड्राय फ्रूट्स और इलायची पाउडर डाल लें। अगर ठंडा खाने का मन हो तो पहले से खीर तैयार करके फ्रिज में रख लें। व्रत में जो नमक नहीं लेते उनके लिए यह एक बहुत अच्छा ऑप्शन है।

कुट्टू के आटे का चीला

सामाग्री- कुट्टू का आटा, सेंथा नमक, बारिक कटी हरी मिर्च, बारिक कटा हरा धनिया
विधि-कुट्टू के आटे में सेंधा नमक, बारिक कटी हरी मिर्च, बारिक कटा हरा धनिया मिला कर दोसे के बैटर से थोड़ा पतला घोल तैयार कर लें और तवे पर घी लागकर चीले के तरह फैला लें। उपवास के दौरान फलाहार के लिए कुट्टु बहुत अच्छा माना जाता है।

साबूदाने की खीर

साबूदाने की खीर बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाने को 2 से 3 घंटे के लिए भिगा लें। खीर बनाने के लिए दूध गर्म करें और दूध की मात्रा के अनुसार उसमें शक्कर डालें। जब दूध अच्छी तरह उबल जाए और शक्कर घुल जाए तब उसमें भीगे हुए साबूदाने डाल लें। अब दूध में साबूदाने को तब तक पकाएं जब तक साबूदाना पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट ना हो जाएं। खीर तैयार होने के बाद आप चाहे तो उसमें ड्राय फ्रूट्स भी डाल सकते हैं। अब साबूदाने को फ्रिज में रख लें और ठंडा होने पर खाएं। गर्मियों में साबूदाने की ठंडी खीर शरीर को ठंडा रखती है।

राजगीरे के आटे और आलू की पूरी

राजगीरे के आटे की आलू पूरी बनाने के लिए सबसे पहले राजगीरे के आटे में उबले हुए आलू, सेंधा नमक, हरी मिर्च, हरा धनिया डालकर गूंथ लें और छोटी-छोटी लोइयां तोड़कर पूरी के आकार में बेलकर तल लें। अगर तली हुई चीज नहीं खाना है तो पराठे की तरह कम तेल या घी में सेंक लें। इसे हरी चटनी के साथ फलाहार के तौर पर खा सकते हैं।

फलाहार के लिए बनाएं आलू की खीर

आलू की खीर फलाहार के लिए सबसे सरल और स्वादिष्ट रेसिपी है। इसे बनाने के लिए उबले हुए आलू को कड़ाही में घी डालकर लाल होते तक सेंक लें। अब आलू में शक्कर डलकर उसे मैश कर लें। अब मसले हुए आलू में दूध डालकर खीर गाढ़ी होते तक पकने दें। आखिरी में खीर में ड्राय फ्रूट्स और इलायची डालकर उतार लें और ठंडी होने पर सर्व करें।