देवरिया। 14 अप्रैल रविवार को भारतीय नागरिक सरबजीत के हत्यारे अंडरवर्ल्ड डॉन सरफराज की हत्या हो गई। सरफराज की हत्या अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान के लाहौर में की। साल 2013 में पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत सिंह की कैदियों ने हमला कर हत्या कर दी थी। सरफराज और अन्य आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान की कोर्ट में केस भी चला था लेकिन सबूतों के अभाव में बाद में कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था।
हमलावरों ने घर में घुसकर की हत्या
सरबजीत के हत्यारे अमीर सरफराज तांबा की हत्या जिस वक्त हुई उस वक्त वो अपने घर पर ही था। सरफराज का घर लाहौर के सनंत नगर में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर बाइक पर आए थे, उन्होंने घर में घुसकर सरफराज पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। सरफराज को 3 गोलियां लगी और वह गिर पड़ा। उसे अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सरफराज को आतंकी हाफिज सईद का बेहद खास माना जाता था।
गलती से पाकिस्तान चले गए थे सरबजीत
सरबजीत पंजाब के तरनतारन जिले में पड़ने वाले भिखीविंड गांव में रहते थे, यह गांव भारत-पाक सीमा पर बसा हुआ है। 30 अगस्त 1990 को सरबजीत गलती से सीमा पार पाकिस्तान पहुंच गए थे। जहां पाकिस्तान की सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में सरबजीत को झूठे केस में फंसाया गया। पाकिस्तान की कोर्ट ने सरबजीत को वहां हुए धमाकों का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुना दी। सरबजीत को वापस लाने की भारत सरकार ने काफी कोशिशें की थी लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। इसी दौरान जेल में उनपर हमला कर दिया गया और सरबजीत की मौत हो गई।
सरबजीत की बेटी ने कहा- ये न्याय नहीं
सरबजीत के हत्यारे की हत्या होने के बाद, सरबजीत की बेटी स्वप्नदीप ने मीडिया में बयान दिया है कि- “यह न्याय नहीं है। हम तो चाहते थे पता लग सके कि मेरे पिता की हत्या क्यों की गई, उनकी हत्या के पीछे किन लोगों का हाथ था।” स्वप्नदीप का कहना है कि सरफराज की हत्या करवाकर पाकिस्तान सरबजीत की हत्या के कारणों को मिटाना चाहती है। ब्रिटिश अखबार द ग्रार्जिनय अपने रिपोर्ट में इस बात का दावा कर रहा है कि पिछले कुछ सालों में विदेशों में कई ऐसे अपराधियों की हत्या हुई है जो भारत में वांटेड थे। जबकी भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज किया है।