देवरिया। वाराणसी में सोमवार को धूमधाम से देव दीपावाली मनाई गई। यहां पर हर साल दिवाली के 15वें दिन देव दिवाली मनाई जाती है। कहा जाता है आमावस्या के दिन मनुष्य और देवगण कार्तिक पूर्णिमा को दिवाली मनाते हैं। इस मौके पर बाबा काशी विश्वनाथ को कई किलो फूलों से सजाया गया था। पूरी काशी स्वर्ग की तरह लग रही थी। वाराणसी की इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए 70 देशों के राजनायिक भी पहुंचे हुए थे।

सीएम ने किया अतिथि राजनयिकों का स्वागत
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनयिकों का खुद स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा-
“काशी अविनाशी है। यह देवाधिदेव महादेव बाबा विश्वनाथ का धाम है। मनुष्य अमावस्या को दीपावली मनाते हैं तो पूर्णिमा की तिथि देवताओं की दीपावली है। देव दीपावली आज के दिन कई सौ वर्षों से यहां की परंपरा का हिस्सा रहा है।” देव दिवाली के अवसर पर घाटों पर दीप दान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांतालगा रहा। घाटों को लाखों दियों से सजाया गया था।
सीए योगी ने प्रधानमंत्री का आभार जताया
प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए सीएम योगी ने कहा- “काशी के लोकप्रिय सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण देव दीपावली का कार्यक्रम न केवल काशी, बल्कि देश व दुनिया का स्प्रिचुअल इवेंट बन गया है। दो वर्ष पहले काशी की देव दीपावली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं सहभागी बने थे। आज देव दीपावली में लाखों दीप जल रहे हैं। इस कार्यक्रम के साक्षी दुनिया के 70 देशों के राजनयिक बने हैं यानी प्रधानमंत्री के कारण 70 देशों की उपस्थिति एक साथ काशी में हुई है।”
सुरक्षा के किए गए थे पुख्ता इंतजाम
देव दीपावली वाराणसी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और भव्य आयोजन होता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु, शहर के गणमान्य नागरिक, सीएम, मंत्रीगण और विदेश से आए मेहमान भी पहुंचते हैं। ऐसे में समारोह में किसी प्रकार की चूक ना हो इसकी जिम्मेदारी भी शासन-प्रशासन की होती है। ऐसे में देव दिवाली के अवसर पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों को 8 जोन, 11 सेक्टर और 32 सब सेक्टर में बांटा गया था। घाटों, नदियों और सड़क पर सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, इमरजेंसी प्रबंधन, इंट्री एंड एग्जिट को लेकर पूरा रोड मैप पहले से ही तैयार कर लिया गया था।