देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया में गोरखपुर ओवरब्रिज के पास बनी अवैध मजार को प्रशासन तब तोड़ पाया जब 6 थानों की 300 पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। कोर्ट के आदेश पर 3 बुल्डोजर लेकर कार्रवाई करने पहुंचा प्रशासन तब तक कुछ नहीं कर सका, जब तक मौके पर पुलिस फोर्स ने मोर्चा नहीं ले लिया। फोर्स के पूरी तरह तैयार होने के बाद 50 साल पुरानी अवैध मजार पर बुल्डोजर चलने शुरू हुए। कोर्ट के आदेश पर रविवार को यह कार्रवाई हुई थी।
कोर्ट के आदेश पर हुई थी कार्रवाई
सदर भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के मजार के सराकारी जमीन कब्जाकर बनाए होने की शिकायत के बाद जांच हुई थी। इसमें पाया गया कि मजार सरकारी जमीन पर बनाई गई थी। योगी सरकार की सख्ती के बाद हरकत में आए देवरिया प्रशासन की देखरेख में अवैध मजार से कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के डर से मजार कमेटी ने खुद ही सामान हटाना शुरू कर दिया था। तोड़ने से पहले प्रशासन ने परिसर को खाली कराया।
45 साल से अवैध मजार पर लग रहा था मेला
गौरतलब है कि 45 साल से अवैध मजार पर हो रहे आयोजन को पहले ही रद्द कर दिया गया था। प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के अनुसार की जा रही है। अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई जगह पर बनी है। मजार की पहली बार शिकायत साल 2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। उस समय भी डीएम ने आरबीओ जेई, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था।
जनता कभी माफ नहीं करेगी- स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा से अलग होकर अपनी जनता पार्टी बनाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसका विरोध जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा के मजार पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला प्रशासन द्वारा किए गये इस कायरतापूर्ण कार्यवाही की मैं घोर निन्दा करता हूं। देवरिया में यह केवल ऐतिहासिक मजार ही नहीं तोड़ी गई अपितु देवरिया और आस–पास के जिलों के लाखों हिंदू-मुसलमानों की आस्था पर चोट किया गया, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
ये भी पढ़ें- अमीरों ने सालभर का प्रदूषण सिर्फ 10 दिन में कर डाला, भुगतेंगे हम और आप
