देवरिया। झारखंड के महानायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर केंद्र सरकार ने आदिवासी समुदाय को खास और बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की है कि दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम अब बिरसा मुंडा के नाम पर रखा जाएगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के जमुई में हुए एक कार्यक्रम के दौरान की। अब इस चौक को ‘बिरसा मुंडा चौक’ कहा जाएगा। यह कदम सरकार की ओर से आदिवासी समुदाय के प्रति सम्मान और उनकी मेहनत को दिखाता है।

बिरसा मुंडा के नाम से पहचाना जाएगा चौक
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि दिल्ली के आईएसबीटी बस अड्डे के पास का यह चौक, जो काफी बड़ा है, अब भगवान बिरसा मुंडा के नाम से पहचाना जाएगा। चौक पर लगी बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा सिर्फ दिल्ली वाले ही नहीं बल्की अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे पर आने वाले लोग भी बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्षों से प्रेरणा ले सकेंगे।

बिरसा मुंडा को आदिवासी क्यों मानते हैं भगवान
धरती आबा के नाम से जाने जाने वाले बिरसा मुंडा को आदिवासी भगवान की तरह पूजते हैं। इसका कारण हैं उन्होंने आदिवासियों के हक के लिए अंग्रेजी हुकुमत और जमींदारों से संघर्ष किया था। बिरसा मुंडा ने आदिवासियों को उनके हक के लिए जागरूक किया और बताया की जल, जंगल जमीन के लिए उन्हें लड़ना चाहिए। उनके संघर्ष का ही नतीजा है कि आज आदिवासियों के हित में कई कानून बनाए गए हैं।

जनजातीय गौरव दिवस पर योजनाओं की शुरुआत
जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए कई बड़ी योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने 6,640 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनका मकसद आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।