देवरिया। हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली महापर्व इस बार छह दिनों का होने वाला है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस बार दीपावली पर पर भुग्त भोग्य काल यानी तिथियों के घटने बढ़ने का योग बन रहा है।इस योग के कारण इस बार दीपावली की शुरुआत शुक्रवार 10 नवंबर 2023 को धनतेरस से होगी। छोटी दीपावली और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन रविवार 12 नवंबर को और अन्नकूट और गोवर्धन पूजा मंगलवार 14 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। भैयादूज का त्योहार15 नवंबर को मनाया जाएगा।
क्या होता है भुक्त, भोग्य काल
ज्योतिष शास्त्र के अनुसारकिसी भी तिथी का बीता हुआ समय जो निकल चुका है वह भुक्त काल कहलाता है और जो समय बचा हुआ है उसे भोग्य काल कहते हैं। 10नवंबर 2023 को द्वादशी तिथि दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खत्म हो जाएगी तो 10 तारीख को यह समय द्वादशी तिथि का भुक्त काल कहलाएगा उसके बाद त्रयोदशी का तिथि लग जाएगी जो की त्रयोदशी तिथि का भोग्य काल कहलायेगा। 10 नवंबर को प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथी है इसलिए धनतेरस 10 नवंबर को ही मनाया जाएगा।
12 नवंबर को लक्ष्मी पूजा और 14 को गोवर्धन पूजा
इस बार त्योहार की तिथियों में भुक्त भोग्य के अंतर के कारण ही धनतेरस 10 नवंबर को और नरक चतुर्दशी 12 नवंबर को मानी जा रही है। 12 नवबंर को सुबह रूप चौदस का स्नान होगा लेकिन दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर अमावस्या लग जाने के कारण शाम के समय दीपोत्सव और लक्ष्मी पूजा का त्योहार मनाया जाएगा।वही 14 नवंबर को कार्तिक शुक्ल 9 मुहूर्त से अधिक होने पर 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट होगा और भाई दूज का पर्व 15 नवंबर को मनाया जायेगा।