देवरिया।बारिश के आते ही बीमारियां फैलने लगती हैं। मौसम में होने वाली नमी से वातावरण में बहुत से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। बैक्टीरिया किसी ना किसी माध्यम से ये हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और हमें बीमार कर देते हैं। बारिश की शुरुआत में होने वाले कफ और कोल्ड के साथ-साथ आई इंफेक्शन के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इनके लक्षणों और बचाव के तरीकों को जानकर आप खुद को इससे बचा सकते हैं।


क्या है कंजंक्टिवाइटिस
कंजंक्टिवाइटिस आंखों में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है जो बैक्टिरिया से होता है। यह एक वायरल इंफेक्शन है और एक संक्रमित व्यक्तित के संपर्क में आने वाले दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है। बारिश में पनपने वाले बैक्टीरिया गंदे हाथ, गंदे टावल से आंखों तक पहुंच जाते हैं और आंखों में इंफेक्शन हो जाता है। शुरुआत में ही इसका इलाज ना करने पर यह खतरनाक भी हो सकता है।

जानिए कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण
कंजंक्टिवाइटिस कुछ मामलों में काफी संक्रामक होता है। इसके शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें। ये हैं कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण-


• आंखों में जलन या खुजली होना।
• आंखों में लालिमा या गुलाबीपन
• सामान्य से ज्यादा आंसू निकलना।
• आंखों से पानी जैसा या गाढ़ा डिस्चार्ज होना।
• आंखों में किरकिरी महसूस होना।
• आंखों में सूजन होना


कंजंक्टिवाइटिस से कैसे बचें
साफ-सफाई से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप कंजंक्टिवाइटिस से बच सकते हैं जैसे-
• आंखों को बार-बार गंदे हाथों से ना छुएं।
• बार-बार हाथ साबुन से धोते रहें।
• आंखों पर लगाने वाले कॉस्मेटिक्स किसी दूसरे का इस्तेमाल ना करें, और उनकी एक्सपायरी डेट का ध्यान रखें। हमेंशा अच्छे ब्रांड का आई मेकअप इस्तेमाल करें।
• अपना तकिया, तौलिया और कपड़े किसी से शेयर ना करें।
• संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आएं।


अगर आपको कंजंक्टिवाइटिस के थोड़े भी लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उचित सलाह लें। आंखों की बीमारी काफी संवेदनशील होती है इसलिए लापरवाही ना बरतें।