देवरिया। लोकसभा चुनाव के 2 चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। 7 मई को तीसरा चरण के मतदान होने हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस को तीसरे चरण के पहले बड़ा झटका लगा है। दरअसल, मतदान के इतने पास आने के बाद इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। आपको बता दें इंदौर लोकसभा क्षेत्र में 13 मई को वोटिंग होनी है। ऐसे में मतदान से सिर्फ 13 दिन पहले किसी प्रत्याशी का नामांकन वापस लेना पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान है।

पार्टी की व्यवहार से दुखी थे अक्षय

अक्षय कांति बम 29 अप्रैल की सुबह बीजेपी नेता रमेश मंडोला के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन वापस ले लिया। अब इंदौर में बीजेपी के सामने कोई कांग्रेस प्रत्याशी नहीं है, आपको बता दें इंदौर से बीजेपी ने शंकर लालवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। खबरों के अनुसार अक्षय कांति बम अपने ही नेताओं की अवहेलना और पार्टी के व्यवहार से नाराज थे। उनके नामांकन दाखिले के वक्त भी कांग्रेस का कोई बड़ा नेता उनके साथ मौजूद नहीं था। कई मौकों पर उन्होंने यह खुद भी स्वीकार किया था कि कांग्रेस ने उन्हें बलि का बकरा बनाया है।

सूरत की तरह भी बन सकता है समीकरण

आपको बता दें कुछ इसी तरह का मिलता-जुलता वाकया सूरत लोकसभा क्षेत्र में भी हुआ है। सूरत के कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन किसी वजह से रद्द हो गया था, उसके बाद बजे निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपना नाम वापस ले लिया और वहां के भाजपा उम्मीदवार मतदान से पहले ही निर्विरोध सांसद चुन लिए गए। सोशल मीडिया पर जारी खबरों के बाद यूजर्स इंदौर में भी कुछ इसी तरह का समीकरण बनने के कयास लगा रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गी ने सेल्फी पोस्ट कर कसा तंज

इस मौके पर कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर एक सेल्फी अपलोड की है। सेल्फी में उनके साथ, उनकी गाड़ी में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भी दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा- “इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम का प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव व प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा के नेतृत्व में भाजपा में स्वागत है।” अक्षय कांति बम ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है।